गौरीगंज (अमेठी)। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए एक माह तक चलने वाले विशेष अभियान की शुरूआत सोमवार को डीएम ने महिमापुर स्थित उत्कृष्ट आंगनबाड़ी केंद्र पर की। डीएम ने अपने सामने गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए पोषाहार और मास्क का वितरण किया। इस दौरान डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को डोर-टू-डोर सर्वे कर कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने को कहा।
गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत डोर-टू-डोर चिन्हांकन अभियान कार्यक्रम की शुरूआत सोमवार को महिमापुर उत्कृष्ट अंागनबाड़ी केंद्र पर समारोहपूर्वक हुई। अभियान के तहत जिले की 682 ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी व एएनएम की टीम गठित कर गर्भवती महिला व कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित उनके स्वास्थ्य सुधार की दिशा में काम करेगी। सोमवार को महिमापुर केंद्र पर डीएम ने कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए अपने सामने गर्भवती महिला व कुपोषित तथा अति कुपोषित का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए पोषाहार तथा मास्क का वितरण किया।
इस दौरान डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र पर किचन गार्डेन में पौधरोपण कर हरी सब्जी तैयार कर महिलाओं व लोगों को हरी सब्जी सेवन के प्रति जागरूक किया। डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग, जिला कार्यक्रम विभाग, पंचायत विभाग व स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से विभागीय योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करते हुए अभियान में शत-प्रतिशत गर्भवती महिला व कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण व पोषाहार वितरित करते हुए रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।