अमेठी सिटी। गेहूं खरीद में मनमानी करते हुए गैर प्रांत को ट्रक व रेलगाड़ियों पर लाद कर भेजना अब जिले से आसान नहीं होगा। किसानों को गेहूं का निर्धारित मूल्य दिलाते हुए भंडारण व गैर जिले भेजने पर रोक लगाने के प्रति जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। तहसीलवार निगरानी के लिए टीम गठित करते हुए रेलवे को भी पत्र भेज कर रैक पर गेहूं लोड होने की सूचना देने की बात कही गई है। कहा गया है कि बिना अनुमति जिले से बाहर गेहूं नहीं भेजा जा सकेगा।
फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत 17 मार्च से जिले में पांच एजेंसियों के 82 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। अब तक किसी भी क्रय केंद्र पर खरीद की बोहनी तक नहीं हुई है, जबकि बाजार में आढ़तियों ने किसानों से गेहूं खरीद शुरू कर दी है। इतना ही नहीं आढ़तियों को गेहूं खरीद का रजिस्टर तैयार करते हुए खरीद के बाद किसान का नाम, पता व मोबाइल नंबर रिकॉर्ड के रूप में रखते हुए बैंक खाते में भुगतान करने की बात कही गई है।
डिप्टी आरएमओ राजेश्वर प्रताप सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि अपना पंजीकरण करवा कर क्रय केंद्र पर निर्धारित समर्थन मूल्य पर गेहूं बिक्री करें। गेहूं बिक्री करने में कोई भी परेशानी होने पर कार्यालय में शिकायत करें। बताया कि किसानों को फसल का समर्थन मूल्य दिलवाना प्राथमिकता में शामिल है। आढ़तियों से भी किसानों से निर्धारित शुल्क पर गेहूं खरीद कर रिकाॅर्ड रखने को कहा गया है। टीम के पहुंचने पर रिकॉर्ड दिखाने के साथ जांच में सहयोग करने की भी बात कही है।
निगरानी टीम करेगी मामले की जांच
सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो बृहस्पतिवार को गौरीगंज रेलवे स्टेशन के रैंक पॉइंट से 39 बोगियों पर गेहूं लोड कर गैर प्रांत भेजा गया है। मामला संज्ञान में आने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम निशा अनंत ने किसानों को उनकी उत्पादित फसल गेहूं का निर्धारित समर्थन मूल्य दिलाने और आढ़तियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए तहसीलवार निगरानी टीम गठित की है।
टीम में संबंधित एसडीएम व थाना प्रभारी के साथ विपणन निरीक्षक व मंडी निरीक्षक को शामिल किया है। सभी को क्षेत्र की बाजारों में हो रही गेहूं खरीद पर निगरानी करते हुए ट्रक या रेल के माध्यम से गैर जिले व प्रांत गेहूं भेजने के मामले की जांच करने को कहा है। मंडी समिति को पत्र भेजकर जिले से गेहूं का प्रेषण होने पर निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद चालान जारी करने तो रेलवे को किसी भी प्रकार से गेहूं की लोडिंग रेल डिब्बों पर होने पर सूचना देने की बात कही गई है। गेहूं की कालाबाजारी, अवैध भंडारण व प्रेषण होने पर टीम पर कार्रवाई की बात कही गई है।