अमेठी सिटी। जगदीशुपर के जलालपुर तिवारी गांव में जरूरतमंदों को बांटे गए राशन में मिट्टी और नमक की मिलावट के मामले की जांच अब पुलिस करेगी। इस मामले में जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देश पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। इस प्रकरण में अब खाद्य एवं विपणन विभाग के अफसर एफसीआई गोदाम के जिम्मेदारों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
मंगलवार को जलालपुर तिवारी में गेहूं की बोरियों में नमक और मिट्टी मिली थी। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बृहस्पतिवार को डीएम पूरे मामले की जांच करने राशन की दुकान पहुंचे थे। इसी मामले में अज्ञात के खिलाफ मिलावटखोरी का केस दर्ज कराया गया है। विपणन निरीक्षक व खाद्यान्न प्रेषण प्रभारी शान उल्ला ने बताया कि मिलावटी गेहूं इन्हौंना स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) डिपो से भेजा गया था। जांच में यह सामने आया है कि गेहूं की बोरियों में जानबूझकर मिलावट की गई है।
बताया गया कि ट्रक से समय से डिलीवरी भी हुई और डोर स्टेप पर निगरानी की पुष्टि भी की गई, जिससे शक की सुई गोदाम की तरफ घूमती है। जलालपुर तिवारी के अलावा दरपीपुर, ठेगहा, तारापुर और सोनारीकनऊ की दुकानों से पहले भी खराब गुणवत्ता की शिकायतें आ चुकी हैं। डिपो से निकासी के बाद ट्रक सीधे उचित दर विक्रेता के पास पहुंचता है। ऐसे में बीच में किसी भी प्रकार की हेरफेर संभव नहीं दिखती।
विभागीय लोगों का दावा है कि निकासी के बाद भी रैंडम जांच की गई थी, लेकिन उसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था। एफसीआई के डिपो मैनेजर के अनुसार गेहूं की बोरियां जांच के बाद ही स्टोर की गई थीं और वितरण से पहले सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। फिर भी अगर मिलावट हुई है तो इसकी गहन जांच कराई जाएगी। सीओ मुसाफिरखाना अतुल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।