गौरीगंज (अमेठी)। नगरीय क्षेत्रों की तरह अब गांवों में आबादी के अतिरिक्त भूमि पर मकान बनवाने के लिए मानचित्र स्वीकृत करना अनिवार्य होगा। जिला पंचायत के पास आवेदन व निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद नक्शा स्वीकृत होगा। 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले मकान व व्यवसायिक गतिविधियों के कांप्लेक्स को योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
जिले के चार नगरीय निकाय (अमेठी, गौरीगंज, मुसाफिरखाना व जायस) में शामिल क्षेत्र की तरह अब जिले की 682 ग्राम पंचायतों में मकान निर्माण बिना नक्शा पास हुए संभव नहीं होगा। आबादी की भूमि को छोड़कर (खतौनी व खसरा में अंकित) भूमि पर मकान व व्यावसायिक गतिविधियों के कांपलेक्स निर्माण के लिए जिला पंचायत से नक्शा स्वीकृत कराना होगा। शासन ने 24 जुलाई को गांवों में नक्शा स्वीकृत कराने वालों को ही नवीन मकान बनाने की अनुमति देने की बात कही थी।
आबादी भूमि के अंदर या 300 मीटर तक आवासीय भवन के लिए नक्शा नहीं बनवाना होगा। पुराने और पैतृक मकानों तथा मरम्मत, दैवी आपदा से क्षतिग्रस्त हिस्से के निर्माण में नई व्यवस्था लागू नहीं होगी। निर्माण करने से पूर्व जिला पंचायत कार्यालय में प्रार्थना पत्र देना होगा।
जिला पंचायत को नक्शा पास करने का अधिकार मिलने के बाद जिले में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। नक्शा पास होने से भवन स्वामी इस पर लोन भी ले सकेंगे। पूर्व में बने मकानों पर यह नियम लागू नहीं होगा। मौजूदा समय में लोग व्यवसाय के नजरिए से गांवों में भी मकान बनवा रहे हैं। इसके लिए लोगों को पहले जिला पंचायत से नक्शा पास कराना होगा। ऐसे में योजना में जिले की 682 ग्राम पंचायतें जिला पंचायत के दायरे में हैं। जहां सरकारी और निजी क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन निर्माण का कार्य चल रहा है।
निर्देश मिलने के बाद जिला पंचायत विभाग योजना का प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करने में जुटा है। गांव में आबादी की भूमि छोड़कर मकान बनवाने से पहले स्वामी को जिला पंचायत कार्यालय में आवेदन करना होगा। स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही गांव में मकान का निर्माण होगा। ऐसे में जहां गांवों में मकान आकर्षक दिखेंगे वहीं जिला पंचायत के राजस्व में वृद्धि भी होगी।
व्यावसायिक निर्माण के लिए 50 रुपये प्रति वर्गमीटर शुल्क
शासन से हुए गजट के अनुसार व्यावसायिक भवन की श्रेणी में आवास के लिए भूमि की प्लाटिंग, हॉस्पिटल का निर्माण, गोदाम, मॉल, पार्क, उद्यान, फार्म हाउस, दुकान, रेस्टोरेंट का निर्माण, कोचिंग सेंटर व निजी स्कूल के निर्माण को शामिल किया गया है। आवासीय और शैक्षणिक संस्थान पर 25 रुपये, जबकि व्यावसायिक भवन के लिए 50 रुपये प्रतिवर्ग मीटर शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा बाउंड्रीवाल के लिए एक सौ रुपये प्रतिवर्ग मीटर का शुल्क तय किया गया है। नक्शा पास होने पर भवन स्वामी को रजिस्ट्रेशन कराने में फायदा होगा।
नक्शा पास कराने के लिए लगेंगे यह दस्तावेज
मानचित्र, चौहद्दी, पैनकार्ड, आधारकार्ड, फोटो, खतौनी, नजरी नक्शा, गाटा संख्या, व्यावसायिक भवन के लिए फायर ब्रिगेड की एनओसी, नेशनल हाईवे, राजकीय मार्ग की एनओसी, परियोजना स्थल की फोटोग्रॉफ आर्किटेक्ट की रिपोर्ट और आवेदक का शपथ पत्र शामिल है।
मानक पूरा करने पर पास होगा नक्शा
जिले के गांवों में 300 वर्ग मीटर क्षेत्र से अधिक भूमि निर्माण पर मानचित्र स्वीकृत कराने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। नक्शा सिर्फ उन्हीं भूमि पर निर्माण के लिए जारी होगा जिनका जिला भू-लेखों में अंकन होगा। आबादी में निर्माण पर नक्शा स्वीकृत नहीं किया जाएगा। कहा कि कुछ आवेदन भी आने लगे हैं। आवेदनों की टीम जांच करेगी। मानक पूरा करने पर नक्शा स्वीकृत कर दिया जाएगा।
नरेंद्र बहादुर, अपर मुख्य अधिकारी -जिला पंचायत