गौरीगंज (अमेठी)। अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए हुए आवेदनों की जांच में पांच शिक्षकों के बीमारी का प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। संबंधित को नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग ने आवेदनों को सचिव को अग्रसारित कर दिया है। अपने गृह जिले में शिक्षण कार्य करने की इच्छा रखने वाले शिक्षकों की मुराद पूरी करने का मौका शासन ने दिया तो कोई भी कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद कमियां दूर कर आवेदन की हार्डकापी कार्यालय में शिक्षक जमा करा चुके हैं। विभाग के अधीन जिले में संचालित 1,571 परिषदीय स्कूल में गैर जिले के 482 शिक्षक अपना स्थानांतरण आवेदन किया है।
लेकिन सत्यापन के दौरान गंभीर बीमारी से ग्रसित होने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाने का मामला भी प्रकाश में आ चुका है। फर्जी बीमारी प्रमाण पत्र लगाने वाले पांच शिक्षकों को नोटिस जारी किया जा चुका है। आवेदन की जांच के बाद निरस्त करने का अधिकार नहीं होने से बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी आवेदनों पर अपनी रिपोर्ट व निर्धारित वरीयता क्रम में पूरी करने की बात कहते हुए सभी आवेदन ऑनलाइन सचिव कार्यालय को अग्रसारित कर दिया है। अब सचिव कार्यालय से दोबारा शिक्षकों के आवेदनों में गंभीर बीमारियों से ग्रसित शिक्षकों को ट्रांसफर में वरीयता देते हुए आवेदन मंजूरी व निरस्तीकरण की कार्रवाई पूरी कर ट्रांसफर सूची जारी की जाएगी।
बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि आवेदनों की सत्यापन के बाद सभी 482 शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन संस्तुति समेत सचिव कार्यालय भेजी जा चुकी है। सचिव स्तर से सूची जारी होने के बाद रिलीविंग व गैर जिले से आने वाले शिक्षकों के ज्वाइंनिंग की कार्रवाई नियमानुसार पूरी की जाएगी।