शाहगढ़ के उसरापुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।-स्रोत : आयोजक
शाहगढ़ (अमेठी)। अहंकार विनाशकारी होता है। चाहे देव हों या मनुष्य, किसी को भी अहंकार नहीं करना चाहिए। ये बातें मंगलवार को उसरापुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन अयोध्या से पधारे प्रवाचक उमेश त्रिपाठी ने कहीं।
प्रवाचक ने कहा कि जीवन में कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए, जो अहंकार करता है, वह एक दिन जरूर टूटता है। उन्होंने इंद्रदेव के अहंकार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने उनके अहंकार को तोड़ने के लिए उनकी पूजा को बंद करा दिया। इससे नाराज इंद्रदेव के प्रकोप से लगातार मूसलाधार बारिश होने लगी। तब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर नगरवासियों और गायों की रक्षा की। इसके बाद से ही गोवर्धन की पूजा होने लगी।
प्रवाचक ने कहा कि कथा के आयोजन से मनुष्य ईश्वर की कृपा प्राप्त करता है, जिससे उसका जीवन धन्य हो जाता है। इस मौके पर राम कृपाल पांडेय, प्रभात पांडेय, काशी प्रसाद मिश्रा, उमा शंकर शुक्ला, शीतला प्रसाद पांडेय, प्रमोद उपाध्याय, कपिल पांडेय, अखिलेश पांडेय, लक्ष्मण पांडेय आदि मौजूद रहे।