मलिक मोहम्मद संयुक्त जिला अस्पताल। संवाद
अमेठी सिटी। एमआरआई सहित गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई महंगी जांच कराने के लिए अब मरीजों को लखनऊ, प्रयागराज और अन्य शहरों की दौड़ नहीं लगाना पड़ेगी। जल्द ही जांच की यह सुविधाएं मरीजों को जिला अस्पताल में उपलब्ध होने से बड़ी राहत मिलेगी। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के सीएसआर फंड से अस्पताल परिसर में एमआरआई मशीन स्थापित किए पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एचएएल, कोरबा के निदेशक के बीच सहमति बन चुकी है। जल्द ही जांच मशीन को अस्पताल में लगवाने का काम शुरू होगा।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1,400 से 1,800 मरीज पहुंचते हैं। इनमें औसतन 15 से 18 मरीजों को एमआरआई जांच की आवश्यकता पड़ती है। जिले में यह सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों को निजी केंद्रों या दूसरे शहरों में महंगी जांच कराने की परेशानी उठाना पड़ती है। इससे इलाज में देरी होने के साथ अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है। इलाज के अस्पताल आए रामधनी वर्मा ने बताया कि एमआरआई जांच के लिए लखनऊ जाना पड़ता है। ऐसे में आने-जाने और जांच कराने में ही पूरा दिन निकल जाता है। कल्पना शर्मा ने कहा कि महिलाओं और बुजुर्गों के लिए दूसरे शहर जाकर जांच कराना कठिन होता है। जांच की यह सुविधा मिलने से गंभीर मरीजों का समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि एचएएल के सीएसआर फंड से फेको मशीन और हार्मोन जांच मशीन की स्थापना के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही दोनों मशीनें स्थापित की जाएंगी। एमआरआई मशीन की स्थापना की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू होगी। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद मरीजों को कई महत्वपूर्ण जांच और उपचार के लिए दूसरे जनपदों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
आधुनिक जांच की मिलेंगी सुविधाएं
एमआरआई से मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, नसों, स्लिप डिस्क, जोड़ों, लिगामेंट, मांसपेशियों, ट्यूमर और शरीर के अंदरूनी अंगों की सटीक जांच की जाती है। निजी केंद्रों पर इसकी जांच के लिए चार से 10 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। फेको मशीन से मोतियाबिंद का ऑपरेशन और हार्मोन जांच मशीन से थायरॉयड समेत अन्य जांचें भी जिला अस्पताल में उपलब्ध हो सकेंगी।