अमेठी सिटी। बढ़ते सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए जिले में परिवहन विभाग संग पूर्ति विभाग नो हेलमेट-नो पेट्रोल की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं मिलेगा।
जिले में बिना हेलमेट के पेट्रोल न देने का आदेश रविवार से संचालित 119 पेट्रोल पंपों पर प्रभावी होगा। डीएम निशा अनंत के आदेश पर पेट्रोल पंप संचालकों संग पूर्ति विभाग व परिवहन विभाग ने बैठक कर तैयारियां पूरी कर ली हैं। बैठक के बाद परिवहन विभाग ने सभी पेट्रोल पंपों पर पोस्टर चिपकाए हैं, जिस पर लिखा गया है नो हेलमेट-नो पेट्रोल। रविवार से इस नियम के तहत बिना हेलमेट धारक किसी भी बाइक चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।
इसके लिए पूर्ति विभाग की तरफ से भी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है। एआरटीओ सर्वेश सिंह ने कहा कि एक से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। ऐसे में सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए डीएम के निर्देश पर नो हेलमेट-नो पेट्रोल का नियम लागू किया जा रहा है।
एआरटीओ ने लोगों से अपील की है कि बाइक चलाते समय हेलमेट लगाएं और कार चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग जरूर करें, जिससे उनके जीवन की रक्षा हो सके। डीएसओ शशिकांत ने बताया कि नियम लागू करने की तैयारियां पूरी की जा चुकी है। पेट्रोल पंप संचालक भी नियम लागू करने में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। सभी पूर्ति निरीक्षकाें को भी भ्रमणशील रहकर लोगों को इसके प्रति जागरूक करते हुए नियमों को कड़ाई से पालन करवाने का निर्देश दिया गया है।
तैयारियां पूरी, आदेश का होगा पालन
गौरीगंज शहर में पेट्रोल पंप संचालित करने वाले अपूर्व पांडेय ने बताया कि नो हेलमेट-नो पेट्रोल नियम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है। आदेश का पालन करवाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बताया कि कुछ दिन कठिनाई होगी, लेकिन नियम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है तो इसके लिए कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सोनू सिंह ने बताया कि पंप पर प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करने की व्यवस्था बनाई गई। शुरुआत में कुछ परेशानी होगी, लेकिन धीरे-धीरे लोग भी नियम का पालन करने लगेंगे। मंयक अग्रवाल ने बताया कि इसे लागू करने की जिम्मेदारी पंप संचालक की है। क्षेत्रीय होने के कारण कुछ परेशानी इसे लागू करने में होगी। प्रशासन को पंप संचालकों को सहयोग करना होगा। महेंद्र तिवारी ने बताया कि इस नियम को लागू करने से पहले जिम्मेदार लोगाें को जागरूक करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। ऐसे में शुरुआत में इसे प्रभावी करने में परेशानी होगी, लेकिन लोगों के सुरक्षा से जुड़ा नियम है। इसे पूरी तरह प्रभावी किया जाएगा।