अमेठी सिटी। जन स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिले में नौ होम्योपैथी क्लीनिक व योग शेड का निर्माण होगा। इस पर 3.18 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इनके बनने से आम जन को स्थानीय स्तर पर इलाज की बेहतर सुविधा मुहैया हो सकेगी। प्रस्तावित नौ भवनों में से छह के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। तीन अन्य भवनों की टेंडर प्रक्रिया भी पूरी किए जाने की तैयारी है।
प्रत्येक भवन के निर्माण पर 35.4 लाख रुपये का खर्च आएगा। वैकल्पिक चिकित्सा के रूप में होम्योपैथी के प्रति लोग का भरोसा काफी बढ़ा है। इसके बावजूद वर्तमान में जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होम्योपैथिक क्लीनिक किराये व पंचायत भवन के किसी एक कमरे में संचालित हो रहे हैं। इसमें न तो चिकित्सकों के बैठने के उचित इंतजाम होते हैं न ही रोगी की जांच करने व दवाएं देने तक के उचित व्यवस्था। ऐसे में जन सुविधा व बेहतर इलाज के लिए सरकारी होम्योपैथिक क्लीनिक को नए भवन में शिफ्ट करने का फैसला किया गया है।
इसके पहले चरण में नौ जगहों के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। निर्माणदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय को इन भवनों व योग शेड के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोपालजी सिन्हा के अनुसार निविदा प्रक्रिया पूरी करने के बाद छह माह के अंदर निर्माण कार्य पूरा करना होगा।
इन जगहों पर होगा निर्माण कार्य
नौ होम्योपैथी क्लीनिक भवनों का निर्माण कोटवामऊ, तिलोई, मोचवा, शिवरतनगंज, ताला खजुरी, गैरिकपुर, दरपीपुर, छीड़ा, सिधौली में प्रस्तावित है। वर्तमान में इन सभी जगहों पर किराये अथवा किसी अन्य विभाग के भवन में होम्योपैथी क्लीनिक का संचालन हो रहा है। जहां बहुत मुश्किल से चिकित्सक व फार्मासिस्ट के साथ स्टोर के लिए जगह मिल पाती है। जिले में कमई, कुकहारामपुर, गौरा, राजा फत्तेपुर, कल्याणपुर आदि कुछ क्लीनिक हैं, जहां विभाग का अपना भवन बना हुआ है।
चार बिस्वा जमीन पर बनेंगे चार कमरे व एक शेड
नए होम्योपैथिक क्लीनिक में चार से पांच बिस्वा जमीन चिह्नित की गई है। जहां चिकित्सक चैंबर, फार्मासिस्ट कक्ष, एक स्टोर, जांच कक्ष, ट्वायलेट, योग शेड, बाउंड्रीवाल आदि का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिससे लोगों को इलाज के लिए पर्याप्त जगह मिल सकेगी।
वर्तमान में संचालित हैं 22 क्लीनिक
जिले में वर्तमान में करीब 22 होम्योपैथिक क्लीनिक संचालित हैं। ज्यादातर का संचालन विपरीत परिस्थितियों में हो रहा है। जिले में चिकित्सकों की संख्या मात्र 20 है, वहीं लोगों को दवा देने के लिए फार्मासिस्ट भी मात्र 17 उपलब्ध हैं। फिलहाल नए चिकित्सकों व फार्मासिस्ट की मांग शासन से की गई है।