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Amethi News: इंजीनियर बनना चाहती हैं निधि

Fri, 24 Apr 2026 01:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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 मेधावी नि​धि के साथ मौजूद पिता। स्रेात: विद्यालय प्रबंधन
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अमेठी। मोचवा गांव निवासी व प्रमोद आलोक इंटर कॉलेज प्रमोद नगर मंगलपुर की छात्रा निधि ने हाईस्कूल परीक्षा में 96.83 फीसदी अंक हासिल कर प्रदेश की सूची में स्थान पाने के साथ ही जिले में टॉप किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने यह सफलता प्राप्त कर एक मिसाल पेश की है। निधि के पिता श्रवण कुमार बरनवाल गोसाईगंज में जनरल स्टोर की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी मां बीना बरनवाल गृहिणी हैं। आर्थिक सीमाओं के बावजूद माता-पिता ने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। निधि ने बताया कि उनका सपना इंजीनियर बनना है। वह मानती हैं कि पढ़ाई के लिए सभी संसाधनों का होना आवश्यक नहीं है। उनके अनुसार पढ़ाई के लिए स्वयं मेहनत करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि वह अपने छोटे भाई अंकुर बरनवाल के साथ साइकिल से पांच किलोमीटर चलकर रोजाना स्कूल जाती थीं। कठिन विषयों को समझने के लिए वह अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेती थीं।
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विकास की इंजीनियर बनने की तमन्ना
भेंटुआ क्षेत्र के सूरज शुक्ल का पुरवा निवासी व शिव प्रताप इंटर कॉलेज के छात्र विकास ने हाईस्कूल परीक्षा में 95.50 फीसदी अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। इस सफलता से उसके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। उसके पिता राम मिलन यादव साइकिल की दुकान चलाते हैं। वे इसी से बेटे की पढ़ाई का खर्च भी उठाते हैं। विकास की मां रामा देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बेटे की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। विकास का सपना इंजीनियर बनना है। उसने बताया कि नियमित पढ़ाई और कड़ी मेहनत से यह सफलता मिली है। वह आगे भी इसी तरह मेहनत कर अपना लक्ष्य प्राप्त करना चाहता है। शिक्षकों ने उसकी मेहनत और अनुशासन की सराहना की है।



डॉक्टर बनना है श्रेया का सपना
अमेठी। शिव प्रताप इंटर कॉलेज की छात्रा व सोइया गांव की श्रेया मौर्या ने हाईस्कूल परीक्षा में 94.17 फीसदी अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा स्थान हासिल कर अपने परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से गांव और विद्यालय में खुशी का माहौल है। श्रेया के पिता बड़ेलाल का कोरोना काल में निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी मां मनसा देवी गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर पढ़ाई की जिम्मेदारी दादा कालिका प्रसाद मौर्य ने संभाली। दादा ने हर कदम पर श्रेया का साथ दिया और उन्हें लगातार प्रेरित किया। श्रेया ने बताया कि दादा के सहयोग और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर ही यह सफलता मिली है। उनका सपना डॉक्टर बनकर अपनी मां का सपना पूरा करना है। इसके लिए वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी करना चाहती हैं। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी लक्ष्य के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं। इसके लिए व्यक्ति का हौसला मजबूत होना जरूरी है।
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