अमेठी। पीपरपुर थाना क्षेत्र के रामगंज बाजार में 24 जून की देर शाम ठेकेदार को गोली मारने के नामजद आरोपी 44 दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं किए जा सके हैं। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस का संरक्षण पाने से आरोपी इस कदर मनबढ़ हो गए हैं कि वे केस में पैरवी करने पर उसे दोबारा हमले की धमकी दे रहे हैं।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के खरगीपुर निवासी जयप्रकाश मिश्र टेलीफोन विभाग में ठेकेदारी करने के अलावा रामगंज बाजार में सोनारी मार्ग पर राइस मिल चलाते हैं। 24 जून की शाम राइस मिल से घर लौटते समय रामगंज बाजार निवासी विजय प्रकाश गुप्ता उर्फ मंगली व शोभनाथ तथा एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें गोली मार दी थी।
गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे लोग जयप्रकाश को जिला अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। जयप्रकाश के भाई रामप्रकाश मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने 25 जून को उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया।
मगर 44 दिन बाद भी हत्या के प्रयास जैसे मामले में एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जा सके हैं। पुलिस का ये रवैया तब है जब मामले की गूंज एसपी व डीजीपी के अलावा मुख्यमंत्री तक पहुंच चुकी है।
एसपी दिनेश सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। घूस लेने की बात सिद्ध होने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री व डीजीपी को भेजी गई शिकायत के साथ एक ऑडियो क्लिप भी भेजी है। जिसमें घटना का मुख्य आरोपी मंगली गुप्ता अपने किसी परिचित से बात करते हुए इस बात पर आपत्ति जता रहा है कि जब उसने पुलिस को 50 हजार रुपये दे दिए तो दूसरे आरोपी शोभनाथ के घर दबिश क्यों दी गई।