अमेठी सिटी। जिले में मनरेगा मजदूरी को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। श्रमिक रामअचल पाल की मजदूरी आधार कार्ड में हेराफेरी कर दूसरे व्यक्ति के खाते में भेज दी गई। पीड़ित ने योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
रामअचल के मुताबिक उन्हें वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। उनका मकान बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन उन्हें इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली 90 दिनों की मजदूरी अब तक नहीं मिली है। इसके अलावा मनरेगा में किए गए 37 दिनों के कार्य की मजदूरी भी उनके खाते में नहीं पहुंची है।
पीड़ित ने बताया कि वह लंबे समय से मनरेगा में कार्य कर रहे हैं और उनकी मजदूरी बकाया थी। प्रधान प्रतिनिधि की ओर से केवल आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा है। जब मामले की पड़ताल की गई तो सामने आया कि मजदूरी जॉबकार्ड पर उनके नाम से भेजी जा चुकी है, लेकिन रकम उनके खाते में नहीं आई।
जांच में यह भी सामने आया कि उनके जॉबकार्ड में गलत आधार नंबर लिंक कर दिया गया था। उनके नाम से ही किसी अन्य व्यक्ति का आधार जोड़ दिया गया, जिसके कारण मजदूरी की पूरी राशि भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते में ट्रांसफर हो गई। डीसी मनरेगा शेर बहादुर ने कहा कि यदि मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत सही पाई जाती है तो जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।