अमेठी सिटी। कानपुर से ट्रक से दाल लेकर सुल्तानपुर निकले पिता-पुत्र ने 238 बोरी दाल एक व्यापारी को बेच दी। लूट की फर्जी सूचना देकर ट्रांसपोर्ट मालिक व व्यापारी को गुमराह करने की कोशिश की। मुंशीगंज थाने में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने 24 घंटे में ट्रक समेत आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही एक गोदाम से अवशेष दाल बरामद करने के बाद चोरी की दाल खरीदने वाले व्यापारी को भी धर-दबोचा। सोमवार को एएसपी ने मामले का अनावरण किया।
कानपुर के किदवई नगर निवासी प्रमोद कुमार गुप्ता रामदेवी पल्सेज के नाम दाल का थोक का व्यापार करते हैं। एक जुलाई को कानपुर के आवास विकास कल्यानपुर निवासी शिवनायक कुशवाहा की ट्रांसपोर्ट कंपनी के ट्रक से सुल्तानपुर के शंकरलाल कैलाशी एंड कंपनी के लिए 434 बोरी दाल भेजी गई। मोहनगंज इलाके के काले का पुरवा मजरे तंदुआ गांव निवासी पिता-पुत्र अरमान व मुस्तकीम दाल लोड कर ट्रक लेकर निकले थे। लेकिन सुल्तानपुर दाल की डिलीवरी नहीं की। दोनों के फोन न लगने पर परेशान व्यापारी ने रविवार को मुंशीगंज थाने पहुंच दोनों के खिलाफ केस दर्ज करवाया।
केस दर्ज करने के बाद स्वाट टीम प्रभारी अनूप सिंह व एसओ प्रेम चंद्र गौतम मामले की जांच में जुट गए। सोमवार सुबह परतोष के पास संदिग्ध ट्रक होने की सूचना पर घेराबंदी करते हुए ट्रक सवार को पकड़ लिया। ट्रक के अभिलेख नहीं दिखा पाने पर पुलिस को संदेह हुआ। दोनों की पहचान अरमान व मुस्तकीम के रूप हुई। दोनों पर दाल गायब करने का केस दर्ज होने की जानकारी के बाद कड़ाई से पूछताछ की गई तो बताया कि उन्होंने 238 बोरी मटर की दाल रायबरेली जिले के नसीराबाद कस्बे में व्यापारी मो. अनस को पांच लाख 96 हजार रुपये 557 रुपये में बेची है। शेष दाल मोहनगंज कस्बे में एक गोदाम में रखी है। ट्रक पर मौजूद 40 बोरी दाल बेचने जा रहे थे। दाल बरामद होने व आरोप स्वीकार करने के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर गोदाम में मौजूद दाल की बोरी बरामद कर ली। साथ ही पांच लाख 96 हजार रुपये 557 रुपये भी बरामद किए। इसके बाद पुलिस ने दाल खरीदने वाले व्यापारी को भी गिरफ्तार कर लिया।