सिंहपुर (अमेठी)। मोहनगंज के फूला गांव से शनिवार दोपहर अचानक लापता हुए दो वर्षीय अमन का शव रविवार सुबह गांव के ही तालाब में मिला। परिजन, ग्रामीण और पुलिस शनिवार दोपहर से रातभर मासूम को तलाशते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। सुबह रायबरेली से आए गोताखोरों ने तालाब में शव तलाशा तो पूरे गांव में मातम पसर गया।
फूला गांव निवासी रामकिशुन का बेटा अमन शनिवार को घर के सामने खेलते-खेलते लापता हो गया था। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों में खोजबीन की, लेकिन जब कोई पता नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। डायल 112 के पहुंचने के बाद परिजनों ने थाने में तहरीर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी तिलोई दिनेश मिश्र टीम संग मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू कराई। गांव और बाजार में सघन खोज के साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सुबह ग्रामीणों ने तालाब में डूबने की आशंका जताई तो पड़ोसी रायबरेली के बछरावां से गोताखोर रामशंकर, अयोध्या प्रसाद, शत्रुघ्न और जागेश्वर बुलाए गए। गोतखारों ने तालाब में उतरकर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद अमन का शव तालाब से निकाला। मोहनगंज कोतवाल राकेश सिंह ने बताया कि अब तक परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। प्रथमदृष्टया बच्चा खेलते समय तालाब में गिर गया और डूब गया।
अमन की मौत से मां निर्मला देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। पिता रामकिशुन से लिपटकर भाई आशीष (10) और बहन अनुष्का (5) रोते-रोते भाई को याद करते रहे। रामकिशुन गांव में रहकर मजदूरी करते हैं। एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि डूबने से मौत दैवीय आपदा की श्रेणी में आती है। रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ित परिवार को अनुमन्य आर्थिक मदद दी जाएगी।