गौरीगंज मॉडल स्कूल में चूल्हे पर भोजन बनातीं रसोइया। संवाद
अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के मध्याह्न भोजन पर गैस किल्लत का असर दिखने लगा है। कई विद्यालयों में सिलिंडर खाली हो गए हैं, जिससे भोजन तैयार करने में परेशानी आ रही है। बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए कई स्थानों पर लकड़ी जलाकर चूल्हे पर एमडीएम बनाया जा रहा है।
जिले में 1570 परिषदीय, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनके साथ 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी हैं। इन सभी विद्यालयों में भोजन गैस चूल्हे पर तैयार करने का प्रावधान है। लकड़ी के चूल्हे के उपयोग पर रोक है, फिर भी सिलिंडर न मिलने की स्थिति में कई जगह चूल्हा जलाना पड़ रहा है। सिलिंडर के लिए बार-बार संपर्क करने के बाद भी आपूर्ति समय पर नहीं हो पा रही है।
एक विद्यालय में महीनेभर में आठ या 10 सिलिंडर तक की आवश्यकता होती है। वर्तमान स्थिति में यह व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने बताया कि गैस की कमी को देखते हुए मिड-डे मील अथॉरिटी को पत्र भेजकर एक महीने की गैस की मांग की गई है। स्थानीय स्तर पर भी संबंधित विभाग से संपर्क किया जा रहा है, जिससे विद्यालयों में भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो।