जामों। डीघागोपाल गांव में रविवार सुबह विवाहिता पिंकी सरोज (20) का शव रविवार को ससुराल स्थित कमरे में संदिग्ध हालात फंदे से लटका मिला। पुलिस अधिकारियों ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतका के पिता ने पति, सास और ससुर पर दहेज प्रताड़ना व हत्या का आरोप लगाया है।
मोहनगंज के मेढ़ौना गांव निवासी सहदेव ने बताया कि बीती 12 मई को बेटी पिंकी का विवाह डीघागोपाल निवासी विनोद सरोज से हुआ था। शादी के बाद से ही पति और परिजन अतिरिक्त दहेज की मांग करते रहे। स्थिति बिगड़ने पर विनोद पत्नी को दिल्ली ले गया, लेकिन 15 दिन पहले पिंकी को घर छोड़कर लौट गया। सहदेव का कहना है कि शनिवार रात पिंकी ने फोन कर प्रताड़ना की शिकायत की थी। सुबह दामाद ने सूचना दी कि बेटी ने आत्महत्या कर ली है।
परिजनों के अनुसार पिंकी रात में अपनी जेठानी की नौ वर्षीय बेटी आरुषि के साथ सोई थी। आरुषि ने बताया कि नींद खुलने पर उसने पिंकी को साड़ी से पंखे पर लटका देखा। परिवार का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या की गई है। सीओ अखिलेश कुमार वर्मा, इंस्पेक्टर विनोद सिंह और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए। इंस्पेक्टर ने बताया कि पिता की तहरीर पर पति विनोद सरोज, ससुर रामसमुझ और सास श्यामपति के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल
पिंकी की मौत की सूचना पर अहमदाबाद से आई मां दयावती बिलखती रही। वह कहती रहीं कि बेटी की हत्या की गई है। भाई अखिलेश गमगीन है, जबकि बहनें रिंकी और अंजली लगातार रोती रहीं। पिता सहदेव बेटी की मौत से टूट गए हैं। ग्रामीण और रिश्तेदार परिजनों को सांत्वना देने में लगे हैं।