अमेठी सिटी। अवधी साहित्य संस्थान की ओर से बृहस्पतिवार को कवि गोष्ठी, पुस्तक विमोचन के साथ सम्मान समारोह कार्यक्रम हुआ। मुख्यअतिथि सीतापुर से आए सुनील कुमार वाजपेयी ने कहा कि हिंदी का संवर्धन तभी संभव है, जब उसे देश-दुनिया में फैली अवधी का संबल मिलेगा। डॉ. रामबहादुर मिसिर ने कहा कि हिंदी साहित्य के संवर्धन में प्रवासी साहित्यकारों का सर्वाधिक योगदान है।
आयोजक डॉ अर्जुन पांडेय ने कहा कि हिंदी साहित्य में अवधी की भूमिका अहम है। गोस्वामी जी रचित श्रीरामचरितमानस दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है। कार्यक्रम में डॉ. अर्जुन पांडेय की रचना माटी का चंदन व वार्षिक पत्रिका जल दर्पण का लोकार्पण हुआ।
इस मौके पर अंजनी अमोघ, अनीस देहाती, डॉ. अभिमंयु कुमार पांडेय, रामेश्वर सिंह निराश, ज्ञानेंद्र पाण्डेय, जगदंबा प्रसाद तिवारी, सब्बीर अहमद सूरी, राजेंद्र शुक्ल अमरेश, अर्चना ओजस्वी, चंद्र प्रकाश पांडेय, तेजभान सिंह, विवेक मिश्र, हिमांशु श्रीवास्तव, विजय कुमार मिश्र, सत्येंद्र प्रकाश शुक्ल, संजय मिश्र, अंजली तिवारी आदि ने काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम में हुआ इनका सम्मान
कार्यक्रम में विक्रम मणि त्रिपाठी नेपाल, पुरुषोत्तम तिवारी भोपाल, इंजी. सुनील कुमार बाजपेई, डाॅ. सुधाकर तिवारी, डॉ. रश्मिशील, डाॅ. रामानुज द्विवेदी, डॉ. कुसुम वर्मा, अरुण कुमार तिवारी, भूपेंद्र दीक्षित, सुशील सीतापुरी, ज्ञानवती दीक्षित, कुमार तरल, डॉ. ओंकार नाथ द्विवेदी, हरिनाथ शुक्ल, प्रेम कुमार त्रिपाठी, डाॅ. विनय दास, अकबाल बहादुर राही, अनिल कुमार श्रीवास्तव, रामरतन पांडेय, रत्नेश कुमार आदि को तुलसी अवधी सम्मान एवं मलिक मोहम्मद जायसी सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं, भीमी निवासी एथलीट पद्मश्री सुधा सिंह को अवध कीर्ति सम्मान से नवाजा गया। संवाद