. सूखीबाजगढ़ के बैदापुर गांव में गमगीन बैठे परिजन। स्रोत : स्थानीय
जामों। सूखीबाजगढ़ के बैदापुर गांव में शनिवार को बारिश के दौरान महुआ के पेड़ पर बिजली गिर गई। इससे पेड़ की डाल टूटकर गिर गई। इसकी चपेट में आकर किसान हजारीलाल (60) दब गए। रविवार सुबह उनका शव पेड़ की डाल के नीचे मिला। इससे परिवार में मातम पसर गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक के बेटे मोहम्मद शाहिद ने बताया कि उनके पिता हजारीलाल शनिवार को मवेशी लेकर खेतों की ओर गए थे। देर शाम तक नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। बारिश और तेज हवा के कारण रात में उनका पता नहीं चल सका। रविवार सुबह ग्रामीणों ने महुआ के पेड़ की डाल के नीचे हजारीलाल को दबा देखा। ग्रामीणों की मदद से डाल हटाकर उन्हें सीएचसी पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार को तेज हवा और बारिश के बीच पेड़ पर बिजली गिरी थी। इससे डाल टूटकर गिर गई और हजारीलाल उसके नीचे दब गए। बारिश के कारण किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर जानकारी मिलती तो उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
सीओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि परिजनों के अनुसार पेड़ की डाल के नीचे दबने से हजारीलाल की मौत हुई है। शव का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट राजस्व विभाग को भेजी जाएगी। परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है। राजस्व टीम ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हजारीलाल की मौत के बाद पत्नी फूलजहां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह पति के शव से लिपटकर बिलखती रहीं। बेटी राबिया बानो भी पिता की मौत से बेहाल रही। बेटे शान मोहम्मद, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद सलमान और मोहम्मद अरमान भी बिलखते रहे।
पीड़ित परिवार को दिलाई जाएगी आर्थिक सहायता
एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने बताया कि किसान की पेड़ गिरने से दबकर मौत होने की जानकारी मिली है। राजस्व टीम ने मौके पर पहुंच सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की है। पेड़ गिरने से दबकर मौत दैवी आपदा की श्रेणी में है। दैवी आपदा के तहत पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ित परिवार को अनुमन्य आर्थिक सहायता देते हुए हरसंभव मदद की जाएगी।