तिलोई। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी तिलोई को सौंपा। संघ ने कहा कि विभागीय सहमति के बावजूद उनकी समस्याएं वर्षों से अनसुलझी हैं, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है।
ज्ञापन में लेखपाल पद की शैक्षणिक योग्यता व पदनाम परिवर्तन, प्रारंभिक वेतनमान में सुधार, एसीपी विसंगति दूर करने, मृतक आश्रित लेखपालों की पेंशन विसंगति, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पद सृजित करने की मांग की गई है। साथ ही स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने, नियत यात्रा भत्ते की जगह वाहन या मोटरसाइकिल भत्ता लागू करने और विशेष वेतन भत्ता 2500 रुपये प्रति माह करने की मांग रखी गई।
बताया कि करीब तीन हजार लेखपाल घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर तनावपूर्ण माहौल में कार्य कर रहे हैं। शासनादेश जारी होने के बावजूद अंतरमंडलीय स्थानांतरण सूची अभी जारी नहीं की गई है, जबकि अन्य विभागों में तबादले हो चुके हैं। इसके अलावा राजस्व निरीक्षक पदों पर पदोन्नति के लिए चयन वर्ष 2025-26 की डीपीसी अभी तक नहीं हो सकी है। संघ के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह ने कहा कि शासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो लेखपाल चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इस दौरान मंत्री कामता प्रसाद, नितिन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।