अमेठी। भेटुआ ब्लॉक के कल्याणपुर गांव में तैनात लेखपाल ने रिश्वत की मांग पूरी नहीं होने के चलते पानी की टंकी बनाने के लिए जमीन दूसरे के बगीचे में नाप दी। मामला विवाद में फंसने के बाद से काम बंद पड़ा है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।कल्याणपुर गांव के संतराम सरोज के घर के पास में पुश्तैनी श्मशान है। जमीन पर मुकदमा भी चल रहा है। गांव में पानी की टंकी स्वीकृत हुई तो लेखपाल प्रदीप कुमार ने इसी विवादित जमीन पर पानी की टंकी लगाने के लिए स्वीकृति दे दी। कार्यदायी संस्था ने इस जमीन पर टंकी बनाने के लिए खोदाई भी शुरू कर दी। लेकिन मामला विवाद में फंसने के बाद काम बंद हो गया।
पीड़ित संतराम सरोज ने कहा कि लेखपाल ने 50 हजार रुपये मांगे थे। मना किया तो उन्होंने इसी जमीन पर पानी की टंकी के लिए जमीन नाप दी। इसके आसपास बहुत सारी बंजर जमीनें हैं जिस पर पानी की टंकी का निर्माण कराया जा सकता था।
उधर, लेखपाल प्रदीप कुमार ने कहा कि पैसे की मांग करने का आरोप निराधार है। जल निगम के जेई नीरज प्रजापति ने कहा कि कल्याणपुर गांव में पानी की टंकी प्रस्तावित है। कार्यदायी संस्था वेलस्पन कंपनी द्वारा निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया था लेकिन जमीन विवादों में फंस गई। तब से काम बंद पड़ा है।