मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
मुसाफिरखाना। तहसील परिसर में एसडीएम के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। इससे तहसील की विभिन्न अदालतों में न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। अधिकांश मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। इससे दूरदराज से पहुंचे वादकारियों को अगली तारीख लेकर मायूस होकर लौटना पड़ा।
सोमवार को एसडीएम की अदालत में 59 मुकदमे सूचीबद्ध थे। एसडीएम न्यायिक की अदालत में 48, तहसीलदार की अदालत में 46, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 21 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर की अदालत में 70 मामलों की सुनवाई तय थी। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के चलते अदालतों में नियमित कार्य नहीं हो सका। कई मामलों में सुनवाई टल गई और वादकारियों को नई तारीख दी गई।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय, तहसील परिसर और मुख्य गेट पर नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और आंदोलन जारी रखने की बात कही। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए आंदोलन जारी है।
प्रदर्शन के कारण न्यायिक कार्य लगातार प्रभावित हो रहा है। बताया गया कि अधिवक्ताओं का यह आंदोलन 30 दिसंबर से लगातार चल रहा है। इसका असर न्यायिक कार्यवाही पर पड़ रहा है और वादकारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रदर्शन में राजीव कुमार तिवारी, संजय कुमार शुक्ला, दीपक गिरि, शिव प्रकाश श्रीवास्तव, बीपी मिश्रा, केके शुक्ला, संजय मिश्र, संतोष तिवारी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।