बाजार शुकुल के मवैया रहमतगढ़ में चुनाव चर्चा करते ग्रामीण।
बाजार शुकुल। पंचायत चुनाव की चर्चा गांवों की गलियों और चौपालों से लेकर चाय की दुकानों तक होने लगी है। दावेदार हों या मतदाता, सभी इन चर्चाओं के जरिये अपनी राय रख रहे हैं। एक युवक ने खुद को दावेदार बताते हुए समीकरण अपने पक्ष में बता जीत का दावा करने लगा तो बगल बैठे बुजुर्ग ने उसे टोक दिया। कहा लरिका हौ बहुत कहानी न करौ, समय बताई कि चुनाव मा काव होई।
बाजार शुकुल के मवैया रहमतगढ़ गांव स्थित चाय की दुकान फिलहाल चुनावी बहस का केंद्र है। सुबह-शाम जुटने वाले ग्रामीण दावेदारों का आकलन कर रहे हैं। सोमवार को एक युवक ने खुद के पक्ष में माहौल होने का दावा किया। दुकान पर मौजूद ग्रामीणों में से कुछ ने उसकी हां में हां मिलाई तो कुछ ने मुखालफत भी करने लगे। खुद को मजबूत बताते हुए वह जीत का दावा करने लगा तो बगल बैठे बुजुर्ग राधेश्याम ने चाय की चुस्की लेते हुए कहा कि बेटवा, ई बारे के उजरई अइसेन नाहीं है। बहुत समय गुजरिगवा, केतना चुनाव देखेन। अबै लरिका हौ बहुत कहानी न करौ। मौके का इंतजार है, समय के हिसाब से देखब। राम सिंह यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी तक प्रधान पद के दावेदारों के नाम साफ नहीं हैं। पूरे शुकलन के राकेश कुमार शुक्ला का कहना है कि जब तक सीट आरक्षण की घोषणा नहीं हो जाती, दावेदारों की तस्वीर साफ नहीं हो पाएगी। कस्बा निवासी देवी दयाल शर्मा ने साफ कहा कि जो सही तालमेल बैठाएगा, वही चुनाव जीतेगा। चुनाव की चर्चा के दौरान रामसुंदर शुक्ला, विजय शुक्ला, शिवकरन, मोहित मिश्रा, श्रीराम यादव, देव शरण आदि मौजूद रहे।