जगदीशपुर। मऊ अतवारा गांव निवासी श्रमिक दिनेश कुमार लोध (35) शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में पूरे लाला मिश्रौली गांव के पास अचेत पड़े मिले। परिजन दिनेश को ट्राॅमा सेंटर जगदीशपुर ले गए, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने दिनेश की हत्या की आशंका जताई है।
मृतक की पत्नी गीता देवी ने बताया कि उनके पति चार वर्षों से मऊ अतवारा निवासी एक व्यक्ति के यहां मजदूरी करते थे। वह व्यक्ति चितई गांव में स्कूल का निर्माण करा रहा था। शनिवार को दिनेश रोज की तरह काम पर गए थे। रात में एक अज्ञात व्यक्ति घर पहुंचा और बताया कि दिनेश की तबीयत खराब है, उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो एसयूवी में दिनेश का शव पड़ा मिला। गाड़ी दो घंटे तक चालू हालत में खड़ी रही।
भाई अशोक कुमार ने बताया कि शव के मुंह और कपड़ों पर मिट्टी लगी थी, कपड़े बदले हुए लग रहे थे। अस्पताल लाने वाले लोग मौके से गायब थे। परिजनों का आरोप है कि जिस स्थान पर दिनेश काम करते थे, वहां नशे का अवैध कारोबार होता है और कई बार वहां गिरफ्तारी भी हो चुकी है। उनका कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है।
अशोक कुमार ने कहा कि यदि मौत स्वाभाविक होती तो घटना को छिपाने की कोशिश नहीं की जाती। प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला खेत में काम करते समय किसी जहरीले जंतु के काटने या मिर्गी के दौरे से मौत का प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही कारण स्पष्ट होगा। फिलहाल परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। अभी तक तहरीर नहीं मिली है।