मुसाफिरखाना। भीखीपुर के कबाड़ कारोबारी रमन कुमार अग्रहरि उर्फ बबलू के अपहरण और फिरौती प्रकरण में शुक्रवार को पुलिस ने तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। हालांकि अपहरणकर्ता अब भी पकड़ से दूर हैं। उधर कारोबारी का परिवार दहशत में है। पुलिस जांच जारी होने की बात कह रही है और जल्द खुलासे का दावा कर रही है।
बुधवार को अपहरण और फिरौती का मामला सामने आने के बाद लखनऊ-वाराणसी हाईवे सहित कई मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। बैंक शाखाओं से धन निकासी संबंधी ब्योरा जुटाया गया। प्रारंभिक जांच में सात लाख 90 हजार रुपये की निकासी की पुष्टि हुई है। यह राशि दबाव में दी गई या किसी पूर्व लेनदेन से जुड़ी है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
जांच के दौरान टीमों ने हरदोई, लखनऊ और अयोध्या सहित आसपास के जनपदों में दबिश दी। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि संबंधित व्यक्तियों की लोकेशन चिह्नित कर ली गई है और जल्द तथ्य सामने लाए जाएंगे। कारोबारी के बार-बार बयान बदलने से जांच प्रभावित हो रही है। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीओ अतुल सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
एसपी सरवणन टी ने बताया कि व्यापारी के तहरीर पर तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। व्यवसायी के अनुसार अयोध्या के चमनगंज में छोड़ने के बाद वह कुमारगंज स्थित रिश्तेदारी में पहुंचा था। परिवार को सूचना दी। बाद में रिश्तेदार ने पुलिस को जानकारी दी थी। तत्काल सूचना न देने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।