इन्हौना (अमेठी)। सिंहपुर ब्लाॅक क्षेत्र के अहोरवा भवानी कस्बे में रविवार को हुए कवि सम्मलेन में कवियों ने वीर, प्रेम व हास्य रस से जुड़ी कविताएं सुनाकर समां बांध दिया।
कवयित्री डाॅ. गीता पांडेय ने अपनी रचना हमारे हित लिखे जो हैं अडिग विश्वास के पन्ने, सुवासित कर गए हमको वही मधुमास के पन्ने... सुनाई। कवयित्री कालिंदी लता ने मेरा हर गीत भारत माता का यशगान बन जाए, दृश्य, अदृश्य शक्ति का मधुर गुणगान बन जाए सुनाई। कवि सुशील पांडेय ने रावण के कुछ प्रश्न हैं उत्तर दो अवधेश, क्या त्रेता युग का वही है यह भारत देश सुनाया तो खूब तालियां बजीं।
शायर खलील फरीदी ने बुराई से बगावत करते रहना, वतन से तुम मोहब्बत करते रहना। अगर जान जाती है तो जाए, तिरंगे की हिफाजत करते रहना सुनाकर समां बांध दिया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत शिक्षक राम कल्प त्रिपाठी ने की। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल, जिला उपाध्यक्ष परमानंद मिश्र, संत बक्स सिंह, पंकज अवस्थी, बैजू, सदाशिव अवस्थी, सुरेश अग्निहोत्री, सुशील,गौरव तिवारी, अनुराग अग्निहोत्री,नीतम पाठक,अभिषेक अग्निहोत्री, साकेत त्रिपाठी, देवी शरण बाजपेयी, तारकनाथ बाजपेयी, राम कुबेर बाजपेयी, गोपीचन्द्र बाजपेयी,लालू अग्निहोत्री, करुणेश, सानू और आयोजक कमलेश अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।