अमेठी सिटी। धनतेरस पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। त्योहार से पहले सराफा बाजार जगमगा उठा है। चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ते हुए एक लाख 80 हजार रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच चुकी हैं, फिर भी खरीदारों का उत्साह बरकरार है। लगातार बढ़ते भाव के बावजूद लोग चांदी में निवेश को शुभ और लाभदायक मान रहे हैं।
त्योहार को देखते हुए सराफा दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ जुटी रही। चांदी के सिक्के, मूर्तियां, पायल और छोटी ईंटों की सबसे अधिक मांग रही। कई दुकानों पर चांदी की ढलाई रुकने से सिक्कों की कमी दिखी, लेकिन व्यापारी पुराने सिक्के लेकर नए सिक्के बदलकर दे रहे हैं। सराफा कारोबारियों के अनुसार इस बार धनतेरस पर बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक रहने की उम्मीद है।
आम उपभोक्ता सोने की ऊंची कीमतों से परेशान हैं। 22 कैरेट सोना 13,300 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। कारोबारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते दामों के कारण सोना आम परिवार की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। इसके बावजूद धनतेरस जैसे शुभ अवसर पर लोग सोना-चांदी दोनों की खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पहले से हो रही बुकिंग
सराफा व्यापारी आकाश सोनी ने बताया कि चांदी के दामों में ऐसी तेजी उन्होंने अपने पूरे कारोबार में पहली बार देखी है। खरीदार बढ़े हैं, लेकिन डिलीवरी में 15 दिन से एक माह तक लग रहा है। गिरीश सोनी ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश सौदे अगले माह की डिलीवरी पर आधारित हैं। बाजार में भौतिक चांदी की कमी के बावजूद खरीदारी का उत्साह बना हुआ है। कामता सोनी ने बताया कि करवा चौथ पर 100 ग्राम का सिक्का 17 हजार रुपये का था, जो अब 20 हजार रुपये से अधिक में बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि यह तेजी फिलहाल जारी रहेगी। मुन्ना सोनी ने बताया कि शादी विवाह सीजन को देखते हुए लोग अग्रिम बुकिंग करा रहे हैं। ग्राहकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों की कीमतें और बढ़ेंगी।
सोना महंगा, चांदी पर निवेशकों का भरोसा
चांदी अब सिर्फ पारंपरिक धातु नहीं रही, बल्कि निवेश का मजबूत माध्यम बन चुकी है। इस साल अब तक चांदी निवेशकों को लगभग 57 प्रतिशत तक का रिटर्न दे चुकी है। कारोबारियों का अनुमान है कि निकट भविष्य में इसकी कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर पार कर सकती है।