सैठा पीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेले में मरीज का इलाज करते डॉक्टर। -संवाद
अमेठी सिटी। जिले के 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में 2631 मरीजों का परीक्षण कर उपचार किया गया। जांच के दौरान गंभीर हालत वाले 22 मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया। मेले में बुखार, पेट दर्द और दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही।
गौरीगंज के सैंठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह से मरीजों की भीड़ रही। डॉ. यश त्रिपाठी मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक दवाएं देते रहे। सैंठा निवासी कार्तिक तिवारी ने बताया कि तीन दिन से बुखार और खांसी से परेशान थे। बाहर से दवा लेने के बाद भी राहत नहीं मिली, जिसके बाद जन आरोग्य मेले में उपचार कराया। सुशील कुमार ने बताया कि एक माह से बुखार आ रहा है और भूख भी कम लग रही है। चिकित्सक ने जांच के बाद दवा देने के साथ आवश्यक जांच कराने और सावधानी बरतने की सलाह दी।
डॉ. सीमा सिंह के कक्ष में पहुंचे भगवानदीन ने डेढ़ माह से कमजोरी, हाथ-पैर और कमर दर्द की शिकायत बताई। केवाला देवी ने भी लंबे समय से कमर दर्द की समस्या बताई। चिकित्सकों ने दवा देने के साथ संतुलित आहार, स्वच्छ पानी पीने और नियमित दवा लेने की सलाह दी। स्वास्थ्यकर्मियों ने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सफाई रखने, उबला या स्वच्छ पानी पीने तथा बुखार या दस्त होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की अपील की।
मेले में प्रतिभा सोनी, एलटी एसबी कुशवाहा, बबिता यादव, रीना पांडेय, बबिता मिश्रा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। जिले के अन्य पीएचसी में भी मरीजों की जांच कर निशुल्क दवाएं वितरित की गईं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जन आरोग्य मेले का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और गंभीर मरीजों को समय पर उच्च केंद्रों पर उपचार दिलाना है।