अमेठी सिटी। जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। कैंसर, हृदय, गुर्दा जैसी विशेष जांचों के लिए अब जिले के लोगों को लखनऊ जैसे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अब ऐसी कई प्रमुख जांचों की सुविधा जिला अस्पताल में ही मिलने लगेगी। इन सुविधाओं के लिए जिला अस्पताल में 80 लाख रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) बनने जा रही है। इसके लिए अस्पताल में ही भवन चिह्नित कर लिया गया है। लैब का लेआउट भी तैयार हो गया है। शासन से हरी झंडी मिलते ही लैब स्थापना की शुरूआत कर दी गई जाएगी।
जिला अस्पताल में संचालित पैथोलॉजी में अभी तक कंपलीट ब्लड काउंट, लिपिड प्रोफाइल, लीवर प्रोफाइल, शुगर, यू्रिन, एचआईवी, हेपेटाइटिस, डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियों की जांचें होती थीं, लेकिन कैंसर, गुर्दा व हृदय रोग, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफ्लाइटिस, एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम, कालाजार, स्क्रब टाइफस, डेंगू के साथ ही सभी संचारी रोगों से जुड़ी जांचें अब यहां पर हो सकेंगी। इन जांचों की सुविधा जिला अस्पताल में ही उपलब्ध कराने के लिए इस लैब की स्थापना की तैयार है।
लैब स्थापना के लिए एनएचएम की ओर से उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ (यूपीसीएलडीएफ) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कार्यदायी संस्था और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में जिला अस्पताल भवन के प्रथम तल स्थित आरटीपीसीआर लैब व अन्य कक्षों को इस आधुनिक लैब के लिए चिह्नित किया गया है। कार्यदायी संस्था के एई भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। इसे एनएचएम को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलते ही लैब स्थापना का काम शुरू हो जाएगा। सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल ने बताया कि इससे मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी। बताया कि लैब स्थापना के लिए प्रथम तल पर स्थान चिह्नित कर लिया गया है।
प्रतिदिन 300 मरीजों की हो रही जांच
जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियन विनोद पांडेय ने बताया कि अभी यहां प्रतिदिन करीब 300 मरीजों की जांच हो रही है। 11 बजे तक जितना सैंपल आता है, उसकी जांच रिपोर्ट उसी दिन दे दी जाती है। शेष मरीजों की जांच रिपोर्ट दूसरे दिन मिल पाती है। कहा कि लैब स्थापना के बाद मरीजों को और सुविधाएं मिलेंगी।
लैब स्थापना के लिए चल रही प्रक्रिया
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में आईपीएचएल लैब स्थापना को लेकर प्रक्रिया चल रही है। करीब 80 लाख रुपये की लागत से यह बनेगी। लैब में लैब टेक्नीशियन, माइक्रो बायोलॉजिस्ट, एक बायोकेमिस्ट के साथ पैथोलॉजिस्ट की भी तैनाती होगी।