गौरीगंज(अमेठी)। विशुनदासपुर में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट परिसर में इंटरलॉकिंग बनाने में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। मानकविहीन इंटरलॉकिग लगाना नामित कार्यदायी संस्था के एक्सईएन को भारी पड़ा। बुधवार को डीएम के निरीक्षण में कमी मिलने पर अधिशासी अभियंता के खिलाफ गौरीगंज थाने में केस दर्ज कराया गया है।
जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण मार्च 2016 में शुरू हुआ था। शासन की ओर से शुरुआत में इसकी लागत 10 करोड़ 40 लाख 94 हजार निर्धारित थी, जोकि रिवाइज इस्टीमेट के जरिए 17 करोड़ 77 लाख 42 हजार रुपये तक पहुंच गई। कलेक्ट्रेट निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ निर्माण प्रखंड सुल्तानपुर को मिली है। नामित संस्था की ओर निर्माण कार्य चल रहा है।
मंगलवार की देरशाम डीएम राकेश कुमार मिश्र, सीडीओ सान्या छाबड़ा एवं एडीएम अर्पित गुप्ता ने निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि कलेक्ट्रेट के अनावासीय भवन के चारों ओर इंटरलॉकिंग का काम कराया जा रहा है। इंटरलॉकिंग बिछाने में बालू के स्थान पर मिट्टी का प्रयोग देखकर डीएम नाराज हो गए।
नायब नाजिर अजय कुमार ने कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता के विरुद्ध गौरीगंज थाने में केस दर्ज कराया है। एसएचओ अखंड देव मिश्र ने केस दर्ज करने की पुष्टि की है।