मुसाफिरखाना। जामों के वीरीपुर गांव निवासी और उच्च प्राथमिक विद्यालय पिंडारा करनाई में तैनात अनुदेशक प्रज्ञा ने सड़क हादसे में घायल होने के 26 दिन बाद उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। 29 मई को जनगणना ड्यूटी पूरी कर पति के साथ घर लौटते समय वह कार की चपेट में आ गई थीं। मंगलवार को लखनऊ के अस्पताल में उनकी मौत हो गई। निधन की सूचना मिलते ही शिक्षकों में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार प्रज्ञा की ड्यूटी जनगणना-2027 के तहत पश्चिम बेसारा क्षेत्र में लगी थी। 29 मई को वह अपने पति रविशंकर यादव के साथ जनगणना कार्य पूरा कर बाइक से अपने घर वीरीपुर लौट रही थीं। रास्ते में जामों के नीमी कुटिया तिराहे के पास तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। घटना के बाद प्रज्ञा को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि रविशंकर यादव का उपचार अभी भी चल रहा है। 26 दिन तक चले उपचार के बाद मंगलवार को प्रज्ञा ने दम तोड़ दिया। प्रज्ञा के निधन पर बीएसए संजय तिवारी सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने शोक व्यक्त किया। इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि मामले में पहले से रिपोर्ट दर्ज है।