जायस (अमेठी)। राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान में सतत विकास के लिए नेट जीरो और एनर्जी ट्रांजिशन विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ शनिवार को हुआ। वक्ताओं ने वर्तमान में जलवायु परिवर्तन से मानव पर होने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा की। सेमिनार का उद्घाटन संस्थान के निदेशक आचार्य अखौरी सुधीर कुमार सिन्हा, मुख्य अतिथि आरकेएम पासी मुख्य गुणवत्ता प्रबंधक तथा विशिष्ट अतिथि केसी पाणिग्रही प्रचालन निदेशक एअरलिक्विड ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
वक्ताओं ने नेट जीरो एवं ऊर्जा संक्रमण के साथ ही औद्योगिक परिप्रेक्ष्य, अपशिष्ट प्रबंधन, सामाजिक जिम्मेदार निवेशक, अवसर और चुनौतियां जैसे बिंदुओं पर चर्चा की। कहा कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन मानव जाति के सामने सबसे गंभीर चुनौती बन गई है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए पवन, सौर, पनबिजली और भू-तापीय ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना चाहिए। सेमिनार के प्रथम दिवस का समापन आचार्य संजय कुमार ने किया।
आज होगा समापन
- सेमिनार के दूसरे दिन हिन्दुस्तान एअरोनॉटिक्स के मुख्य प्रबंधक- डिजाइन आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से आचार्य विनोद तारे द्वारा विषयगत बिन्दुओं पर चर्चा की जाएगी। समापन सत्र की अध्यक्षता डॉ. रोहित बंसल करेेंगे।