मौसम बदलता देख धान की फसल को समेटते किसान।-संवाद
अमेठी सिटी। छाए बादलों और मौसम विभाग की चेतावनी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को पूरे दिन बादल छाए रहे, मगर बारिश नहीं हुई। खेतों में कहीं धान फसल की कटाई चल रही है तो कहीं कटी फसल सूखने के लिए रखी गई है। दूसरी ओर सरसों, मटर, चना और मसूर की बोआई के बाद बीज अंकुरित होने लगे हैं। ऐसे में तेज बारिश से धान की कटी फसल भीगने के साथ रबी की नई फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
गौरीगंज के पैगा गांव निवासी मोहम्मद नईम गौरी धान की फसल को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि कटाई के बाद खेत में पड़ी फसल बारिश में भीग सकती है। इससे धान को सुरक्षित रखने और सुखाने में परेशानी बढ़ेगी। मौसम का रुख देखते हुए कटाई और मड़ाई का काम जल्द निपटाने की तैयारी करनी पड़ रही है। धारुपुर गांव निवासी रामकृपाल के खेतों में भी धान की फसल तैयार है।
उन्होंने बताया कि तेज बारिश और हवा से कटाई का काम प्रभावित हो सकता है। विशुनदासपुर गांव निवासी सरयूदीन को रबी की फसलों की चिंता है। सरसों, मटर, चना और मसूर की बोआई के बाद बीज अंकुरित हो रहे हैं। ऐसे में खेतों में पानी भरने से पौधों की शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है। असैदापुर निवासी पंकज कुमार ने बताया कि तेज बारिश से खेतों में पानी जमा होने का खतरा है। ऐसे में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखना जरूरी है।
अगले 24 घंटे में बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा के अनुसार बुधवार को जिले में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा उत्तर-पूर्वी दिशा से 0.8 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली। उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे में गरज-चमक और तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है।
कटी फसल सुरक्षित स्थान पर रखें
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने किसानों को कटी धान की फसल सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है। उन्होंने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा, ताकि बारिश होने पर पानी जमा न हो। सब्जियों और आलू की नर्सरी से अतिरिक्त पानी निकालने का इंतजाम करने की भी सलाह दी। गरज-चमक और तेज हवा के दौरान खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी है।