शाहगढ़ के गरथोलिया में चुनाव की चर्चा करते ग्रामीण।-संवाद
शाहगढ़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट मिलते ही गांव, पुरवाें से लेकर बाजार की दुकानों तक चुनाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। समय के साथ दावेदारों की तस्वीर भी सामने आने लगी है। प्रधान, बीडीसी, ब्लॉक प्रमुख के साथ ही जिला पंचायत सदस्य के दावेदारों की चर्चा तेज होती जा रही है। प्रधान और बीडीसी पद पर दावेदारों का जोर गंवई राजनीति में दिखने लगा है। अब तो दावेदार खेमेबंदी में भी जुटे दिख रहे हैं।
गरथोलिया ग्राम पंचायत में गड़ेरियन का पुरवा स्थित कर्मराज की चाय की दुकान इन दिनों चुनावी चर्चा का केंद्र है। सुबह-शाम चाय पीने के बहाने से जुटने वाले ग्रामीण पंचायत चुनाव की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखते हुए राय देते हैं। रविवार सुबह भी चाय की दुकान का नजारा अलग रहा। हंसिया लेकर चार से छह लोग दुकान पर चाय पीने पहुंचे तो पहले से बैठे लोगों ने उनका हालचाल जाना।
इसी दौरान विनोद कुमार ने कहा कि खेती-बारी तौ होत रहे पहिले ई बतावा यहि बार के कै माहौल बनत अहै। उनकी बात को बीच में ही रोकते हुए किसान ने कहा कि केहू के जीत-हार से न तो पेट भरे न घर चले। देखत अहा भगवानौ नाराज अहैं। मरे पानी के तोबा बोलाय देहे अहां। पहिले धान सवाची कि पंचायत करी। विनोद उनके जवाब से कुछ देर के लिए सोच में पड़ गए। कहा कि सही कहत अहा भाय...लेकिन चुनवनौ तो खोपड़ी पै अहै। केहू का तो वोट देइन का परे।
उनकी हां में हां मिलाते हुए शिवा चौहान ने कहा कि गांव मा सबै चुनाव लड़ै वालेन का लखत अहां। केहू थोरि बहुत दइन दे तौ ओसी काव होए। हमतो कहब कि परधान अउर बीडीसी नीक होइका चाही। मोहम्मद सलीम ने कहा कि देखा जे सबके सुख दुख मा साथ अहै, उही का मौका देय। बाकी तौ बहुत जने आवत अहां। अयोध्या प्रसाद, अर्जुन यादव, श्रीनाथ पाल भी चर्चा में शामिल होते हुए अच्छे प्रत्याशी को मौका देने की बात कहने लगे।