जगदीशपुर (अमेठी)। कायाकल्प योजना के अंतर्गत चयनित सीएचसी का गुरुवार को तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान मिली खामियों को सुधारने का निर्देश देकर टीम वापस गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर फस्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) की श्रेणी में पहले से चिन्हित है।
बाद में इसका चयन कायाकल्प योजना के अंतर्गत कर दिया गया। योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की हकीकत जांचने के लिए बृहस्पतिवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रोफेसर डॉ. परवेज के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम अस्पताल पहुंची।
टीम सदस्य सबसे पहले ओपीडी कक्ष पहुंचे जहां चिकित्सक डॉ. महेंद्र तिवारी व डॉ. संजय से मरीजों को दी जाने वाली दवाओं व अन्य सुविधाओं की बिंदुवार जानकारी ली। यहां से निकल टीम पैथालॉजी कक्ष में पहुंची और लैब टेक्नीशियन अरुण कुमार यादव से जांच संबंधी जानकारी ली।
औषधि वितरण कक्ष में मौजूद अजय तिवारी से दवा वितरण तथा इमरजेंसी कक्ष में मौजूद चिकित्सक डॉ. मनू विशेन, ओटी में मौजूद डॉ. आरएल यादव, ब्लड स्टोरेज में मौजूद एलटी आशीष पांडे से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। जांच टीम ने प्रश्नोत्तर कक्ष में मौजूद ममता उपाध्याय से जच्चा-बच्चा की सुरक्षा, प्रसूताओं को दी जाने वाली सुविधा के बारे में पूछने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया।
टीम प्रभारी डॉ. परवेज ने बताया कि निरीक्षण में कुछ खामियां मिली हैं जिन्हें सुधारने की आवश्यकता है। खामियों पर संबंधित को सुधार लाने का निर्देश दिया गया है। बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। टीम में डॉ. परवेज के अलावा लखनऊ के डीपीएम सतीश और सुल्तानपुर के डीपीएम संतोष शामिल रहे।