अमेठी में गैस गोदाम के बाहर सिलिंडर लेने के लिए धूप में बैठे उपभोक्ता।
अमेठी। रात भर चारपाई डालकर सिलिंडर का इंतजार करने वाले उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बनाई गई होम डिलीवरी की व्यवस्था पहले दिन ही ध्वस्त हो गई। प्रकाश गैस एजेंसी की ओर से रूट चार्ट के आधार पर होम डिलिवरी योजना लागू की गई, मगर बुधवार को तय क्षेत्रों में डिलीवरी वाहन नहीं पहुंचा। इसके उलट, सुबह से लाइन में लगे लोग शाम तक इंतजार करते रहे और अंत में निराश लौटे।
सिलिंडर की किल्लत की चर्चाओं के बीच जिले की 32 गैस एजेंसियों पर भीड़ बनी रही। तिवारीपुर स्थित गोदाम पर हालात अधिक खराब रहे। उपभोक्ता रात से ही लाइन में डटे रहे। भीड़ नियंत्रित करने के लिए एक अप्रैल से नई व्यवस्था लागू की गई, जिसमें गांवों में वाहन से होम डिलीवरी के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना था। गोदाम पहुंचे लोगों को वापस कर ऑनलाइन बुकिंग करने और तय दिन पर गांव में गैस मिलने की जानकारी दी गई। एजेंसी से जुड़े 39,144 उपभोक्ताओं में मंगलवार को 1,750 ने बुकिंग कराई, जबकि स्टॉक में सिर्फ 10 सिलिंडर थे। बुधवार को सिलिंडर की आपूर्ति नहीं मिली। बुधवार को अमेठी टाउन, टीकरमाफी, मिश्रौली, सहजीपुर, ठेंगहा, हथकिला और भेंटुआ में आपूर्ति तय थी। इन इलाकों के लोग सुबह से वितरण प्वाइंट पर लाइन में खड़े रहे। महिलाओं और बुजुर्गों की लंबी कतार लगी रही। दोपहर तक तेज धूप के बावजूद गैस डिलीवरी वाहन नहीं पहुंचा। शाम करीब चार बजे तक इंतजार के बाद लोग खाली हाथ लौट गए।
नहीं मिला सिलिंडर
उपभोक्ता विकास तिवारी ने बताया कि सुबह से लाइन में खड़े रहने के बावजूद गैस नहीं मिली। आर्य वर्धन ने कहा कि गोदाम से लौटाया गया और गांव में भी आपूर्ति नहीं हुई। कई लोग बिना भोजन के दिन भर लाइन में खड़े रहे।
समय से सिलिंडर उपलब्ध कराने का निर्देश
जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि गैस आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। एजेंसी को निर्देश दिया गया है कि उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएं और व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए।