फुरसतगंज। राष्ट्रीय और राज्य मार्गों के किनारे खड़े भारी वाहन बढ़ते सड़क हादसों का सबब बन रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की चेतावनी के बावजूद हाईवे किनारे भारी वाहनों की पार्किंग थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार देर शाम बांदा-टांडा हाईवे पर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराकर हुए हादसे में पिता-पुत्री सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद भी इसी हाईवे पर कई जगह भारी वाहनों की अवैध पार्किंग देखने को मिली।
बांदा-टांडा हाईवे पर निगोहा ग्राम पंचायत के पूरे पहलवान बाबा चौराहे से लेकर उदारी चौराहे के बीच सड़क किनारे खड़े ट्रक और भारी वाहन लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। हाईवे किनारे स्थित होटल, ढाबों और चाय की दुकानों के सामने लगी ट्रकों की कतार से सड़क का एक हिस्सा घिर जाता है। जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ हादसों का अंदेशा भी बढ़ जाता है। फुरसतगंज के पास सर्विस लेन भी बनी है, इसके बावजूद पुलिस की निगरानी न होने से भारी वाहन सड़क किनारे ही खड़े कर दिए जाते हैं। बुधवार सुबह को बांदा-टांडा हाईवे पर नहर कोठी, फुरसतगंज, अकेलवा चौराहा, हिमांचलपुर बाजार, बहादुरपुर, जायस कस्बे के निकट, बरनाटीकर, गांधीनगर, काजीपट्टी के पास भारी वाहन खड़े मिले।
हालांकि अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को हटाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जाती है। वाहन चालकों से निर्धारित स्थानों पर ही वाहन खड़ा करने की अपील कर उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है।
पहले भी हो चुके हादसे
सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण पहले भी इस तरह के हादसे की घटनाएं हो चुकी हैं। दिसंबर 2025 में लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के कारण कई वाहन आपस में टकरा गए थे। उस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी और 14 लोग घायल हुए थे। सितंबर 2024 में जायस में हाईवे किनारे खड़े ट्रक से बाइक टकराने पर दो युवकों की जान चली गई थी। मार्च 2023 में मुसाफिरखाना क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार टकराने पर चार लोग घायल हुए थे। 2022 में गौरीगंज में भी खड़े ट्रक से टकराकर एक बाइक सवार की मौत हो गई थी।