दिन में कड़ी धूप से परेशान युवती।
अमेठी सिटी। जिले में हर दिन मौसम का मिजाज बदल रहा है। रविवार को अधिकतम पारा 26.5 डिग्री पहुंचने से दिन में गर्मी का अहसास लोगों को होने लगा। शाम ढलते ही पछुआ बयार के जोर से ठंड बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। मौसम की दोहरी मार लोगों की सेहत पर पड़ रही है। लापरवाही बरतने पर लोग बीमार पड़ रहे हैं। मौसम में उतार चढ़ाव से गेहूं की फसल का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका से किसान भी परेशान हैं।
बीते एक सप्ताह से लगातार मौसम के रुख में बदलाव देखा जा रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। फरवरी में पहली बार दिन का पारा 26.5 डिग्री तक पहुंचा। इससे गर्मी का अहसास हुआ, लेकिन शाम होते नौ किमी के रफ्तार से पछुआ हवा चलने के कारण सिहरन बढ़ गई है। ठंड के चलते बिना गर्म कपड़ा के बाहर निकलने वालों की परेशानियां बढ़ गईं। यह मौसम सेहत के लिहाज से ठीक नहीं है। ऐसे मौसम में बुखार, सर्दी, जुकाम की चपेट में लोग आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त खेती-किसानी पर मौसम का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। दिन में धूप से खेतों की नमी कम होने से किसान सिंचाई कर फसल सहेजने में जुटे हैं। मौसम में बदलाव से गेंहू का उत्पादन भी प्रभावित होने की संभावना है। रविवार को धूप खिलने से अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री और न्यूनतम 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि रविवार को सात किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तरी-पश्चिमी हवाएं चलीं। आगामी 24 घंटे में मौसम शुष्क बने रहने, हवा के सामान्य गति से चलने तथा औसत तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है।
बदलते मौसम में हाथों की सफाई बहुत जरूरी
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियों से बचने का सबसे आसान तरीका है हाथों को साफ रखना। हमारे हाथ हमेशा ही गंदे रहते हैं, क्योंकि ज्यादातर लोग अपने हाथों को सामने रखकर खांसते या छींकते हैं या फिर पूरे समय अपनी नाक को हाथों से ही पोंछते रहते हैं। लिहाजा हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह से धोना बेहद जरूरी है।
इनसेट
समय-समय पर करें फसल की सिंचाई
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके आनंद ने बताया कि गेहूं के लिए रात के समय ओस और दिन के समय चमकदार धूप सबसे अनुकूल मौसम होता है। इस बार गेहूं को चमकदार धूप तो मिल रही है, लेकिन रात में ओस मिलना लगभग बंद हो गई है। गेहूं को कई चरणों में अलग-अलग तापमान की आवश्यकता होती है। मार्च व अप्रैल में वसंत में तापमान बढ़ जाता है, लेकिन अब इस बार फरवरी में ही मार्च जैसा तापमान होने से किसानों की चिंता बढ़ गई हैं। गेहूं के खेतों में नमी बनाए रखने के लिए 10-15 दिनों के अंतर पर सिंचाई करते रहें।
तापमान में उतार चढ़ाव
तिथि अधिकतम न्यूनतम
10 फरवरी 27.0 7.0
11 फरवरी 28.0 8.0
12 फरवरी 28.4 10.0
13 फरवरी 28.0 9.0
14 फरवरी 26.0 8.5
15 फरवरी 25.0 7.5
19 फरवरी 26.5 8.5