अमेठी सिटी। कक्षा एक से 12वीं तक पढ़ाई कर रहे 3.10 लाख छात्रों की पढ़ाई के साथ ही उन्हें सेहतमंद रखने के लिए अब माध्यमिक शिक्षा विभाग परिणाम के साथ स्वास्थ्य कार्ड तैयार करेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर सभी स्कूलों में नियमित कैंप लगेंगे। कैंपों में विद्यार्थियों की रूटीन जांच की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा व बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों को हाईटेक सुविधा से लैस करने के बाद अब स्वास्थ्य गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी में जुटा है। जिले के 35 राजकीय, 25 सहायता प्राप्त व 199 वित्त विहीन इंटर कॉलेज के साथ 1570 परिषदीय स्कूल में कक्षा एक से 12 तक पंजीकृत विद्यार्थियों को रिपोर्ट कार्ड के साथ स्वास्थ्य कार्ड मिलेगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से स्वास्थ्य रिपोर्ट कार्ड का प्रारूप जारी किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर विद्यालय में समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर लगवाकर छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य का परीक्षण करने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों को दी गई है। स्वास्थ्य कैंप में छात्र-छात्राओं की आयु, लंबाई, ब्लड ग्रुप, वजन, आंख, दांत, ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन, कोविड-19 टीकाकरण का पूरा ब्यौरा दर्ज होगा। बीमारी की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर उपचार का प्रबंध किया जाएगा।
इनसेट
ये है मकसद
- नई योजना का मकसद बीमारियों को पहचान कर उनका समय पर इलाज कराना है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और वे बेहतर रिजल्ट दे पाएं। इसके साथ ही सरकार के पास बच्चों की सेहत का डाटा उपलब्ध रहेगा। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चों के परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती है। न तो बेहतर इलाज मिल पाता है न दवाएं। हेल्थ कार्ड बनने से उनका निशुल्क चेकअप कराया जाएगा।
वर्जन
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि स्वस्थ होने पर शिक्षा ग्रहण करते समय विद्यार्थी एकाग्र होते हैं। यदि उनका स्वास्थ्य सही नहीं होता तो उनका मन शिक्षा में भी नहीं लगता। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हुए उन्हें शिक्षित करने के साथ स्वास्थ्य रिपोर्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके लिए विद्यालयों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जाएगा। अगर किसी छात्र को कोई बीमारी है तो इससे पता लग सकेगा और उपचार के बाद वह विद्यार्थी भी स्वस्थ होगा।