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Amethi News: खेत की गहरी जोताई से नष्ट होंगे हानिकारक कीट

Thu, 09 May 2024 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। रबी व खरीफ फसल के दौरान किसान साल भर बीमारी, कीट व खरपतवार की समस्या से जूझते रहते हैं। समस्या से छुटकारा पाने के लिए पेस्टीसाइड का ज्यादा प्रयोग स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव डाल रहा है। कृषक रबी की फसल कटाई के बाद खाली पड़े खेत की गहरी जोताई व अन्य उपायों से कई परेशानियों से बच सकते हैं।
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कृषि विभाग की ओर से किसानों के लिए सलाह जारी की गई है, जिसमें किसानों को कीट, रोग व खरपतवार प्रबंधन के लिए उपाय सुझाए गए हैं। कृषि विभाग के उपनिदेशक रविकांत सिंह ने बताया कि किसानों को सबसे पहले मेड़ों की साफ सफाई कर लेना चाहिए। जिससे हानिकारक कीटों व सूक्ष्म जीवों के आश्रय नष्ट हो जाते हैं, जिससे अगली फसल में इनका प्रकोप कम हो जाता है। सिंचाई के जल को खेत में रोकने में सहायता मिलती है।
ग्रीष्मकाल में गहरी जोताई का महत्व बताते हुए कहा कि इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ जाती है। खेत में उगे खरपतवार व फसल अवशेष मिट्टी में दबकर सड़ जाते हैं, जिससे खेत में जीवांश की मात्रा बढ़ती है। गहरी जोताई से पत्थर चट्टा, जंगली चौलाई, पान पत्ता, रसभरी, सोंवा, मकरा आदि के बीज सूर्य की तेज किरणों के संपर्क में आकर नष्ट हो जाते हैं। मिट्टी में पाए जाने वाले हानिकारक जीवाणु, कवक व हानिकारक सूक्ष्म जीव मर जाते हैं।
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