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682 ग्राम पंचायतों में स्थापित होगी हरिशंकरी वाटिका

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01 : गौरीगंज : चौहनापुर स्थित वन विभाग की नर्सरी में तैयार किए जा रहे पीपल, पाकड़ व बरगद के पौधे। -संवा - फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। पर्यावरण व वन जलवायु संरक्षण के लिए पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। पौधे को धर्म से जोड़ते हुए उन्हें बेहतर संरक्षण प्रदान करने के लिए जिले की 682 ग्राम पंचायतों में हरिशंकरी वाटिका स्थापित होगी। कार्यक्रम में जागरुकता से जुड़े आयोजन के साथ सभी ग्राम प्रधानों को कांफ्रेस ऑफ पंचायत 2022 के माध्यम से ऑनलाइन जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण के फायदे बताकर रोपित पौधे की सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी।
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उत्तर प्रदेश क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान के तहत हुए सर्वे में पर्यावरण की दृष्टि से अमेठी समेत प्रदेश के 27 जिले अति संवेदनशील की श्रेणी में पाए गए हैं। संवेदनशील जिलों में पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए आगामी वर्षाकाल में जिले में 51.03 लाख पौधे रोपित करने की तैयारी के साथ शासन विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जिले में विविध जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कराने जा रहा है। पांच जून को जिले की 682 ग्राम पंचायतों में हरिशंकरी वाटिका स्थापित होगी।
वाटिका में धार्मिक दृष्टि के साथ पर्यावरण संतुलन कायम रखने व अधिक मात्रा में ऑक्सीजन प्रदान करने वाले पीपल, पकाड़ व बरगद के पौधे रोपित किये जाएंगे। कवायद सफल हो इसके लिए प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय ने जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय से समन्वय स्थापित कर ग्राम प्रधानों व सचिवों को पत्र जारी किया है। पौधरोपण के बाद कांफ्रेस ऑफ पंचायत 2022 में ग्राम प्रधान को वर्चुअल विधि से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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कार्यक्रम में कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, वैकल्पिक ऊर्जा तथा जलवायु आपदा प्रबंधन को गति प्रदान देने के लिए जानकारी दी जाएगी। अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह का निर्देश मिलने के बाद प्रभागीय वनाधिकारी महेंद्र नारायण सिंह ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए डेस्कटॉप/ एलईडी, इंटरनेट कनेक्टीविटी की तैयारी करने का निर्देश पंचायत सचिवों को डीपीआरओ श्रीकांत के माध्यम से दिया है। वनाधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिभाग कराने के साथ हरिशंकरी वाटिका तैयार करने में विभाग ग्राम प्रधानों का सहयोग करेगा।
जलवायु मित्र ग्राम पंचायत का होगा चयन
पर्यावरण संतुलन के लिए जिले में जलवायु मित्र ग्राम पंचायत प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए सभी ग्राम प्रधानों से रविवार तक ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है। आवेदन के बाद निर्धारित मानक पूरा करने वाली ग्राम पंचायत के आवेदन का परीक्षण जिले स्तर पर कमेटी एक जून को करेगी। जिला स्तरीय कमेटी आवेदन करनी वाली ग्राम पंचायतों में उत्कृष्ट पांच ग्राम पंचायतों का चयन कर शासन को प्रेषित करेगी।
शासन स्तर पर गठित कमेठी पांच में एक ग्राम पंचायत के चयन की प्रक्रिया तीन जून को पूरी करेगी। जलवायु मित्र ग्राम पंचायत में चिन्हित ग्राम पंचायत के प्रधान व सचिव को पांच जून को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित कर प्रमाण पत्र दिया जाएगा। चिन्हित ग्राम पंचायत को सम्मानित करने के बाद जिला प्रशासन व प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय क्लाइमेट स्मार्ट ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार कर पर्यावरण की दृष्टि से सशक्त बनाने के साथ ग्रीन सिटी के रूप में तैयार कर अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाया जाएगा।
हरिशंकरी वाटिका से मिलेगी प्रेरणा
प्रभागीय वनाधिकारी महेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए इस वर्षाकाल में जिले में 51.03 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। ग्राम पंचायतों में हरिशंकरी वाटिका में पीपल, पाकड़ व बरगद का पौध रोपित कर लोगों को धर्म से जोड़ते हुए पौधे के संरक्षण के महत्व को समझाया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी ने लोगों से प्रत्येक शुभ अवसर में पौधे रोपित करने की अपील करते हुए कहा कि पौधों की सुरक्षा से ही पृथ्वी पर मानव जीवन संभव है इसके लिए सबको अधिक से अधिक पौधे रोपित कर तैयार करना चाहिए।
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