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Amethi News: गुलालपुर ड्रेन बनी मुसीबत, 1200 बीघा खेत जलमग्न

Tue, 12 Aug 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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शाहगढ़ में गुलालपुर ड्रेन के पानी से डूबी धान की फसल। -संवाद
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शाहगढ़ (अमेठी)। जामों, शाहगढ़, भेटुआ और संग्रामपुर ब्लॉक के 50 से अधिक गांवों में गुलालपुर ड्रेन किसानों की परेशानी का कारण बन गई है। इन गांवों में धान की फसल जलमग्न हो गई है, जिससे उत्पादन न के बराबर रहने की आशंका है। वर्ष 1988-89 में किसानों को जलभराव से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनी 52 किलोमीटर लंबी ड्रेन की सफाई नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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गुलालपुर ड्रेन से जुड़ी करीब 1200 बीघा कृषि भूमि पर बरसात में पानी भर जाता है। फसलें बर्बाद होने से सैकड़ों किसानों के सामने भोजन और पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो जाता है। जामों से निकली यह ड्रेन खाखरदेई, सेवई हेमगढ़, घोसियान, लोनियन का पुरवा, राजापुर, रानीपुर, महराजगंज, बिहारीगंज, टोडरपुर, गुलालपुर, बेनीपुर बल्देव, पूरे इबादुल्ला, छरियावां, चिलबिली और किटियावां होते हुए प्रतापगढ़ जिले में सई नदी में मिलती है। हेड से टेल तक इसमें 18 नाले और 21 माइनर गिरते हैं, जिससे बारिश के साथ ही पानी तेजी से भरकर आसपास के इलाके में फैल जाता है। ग्रामीणों के अनुसार ड्रेन की सफाई केवल कागजों पर होती है।



किसान नैमिष पांडेय का कहना है कि वे तीन साल से ड्रेन के चौड़ीकरण और गहराई बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऊपरी चौड़ाई 20 मीटर और गहराई 15 मीटर होनी चाहिए। कई स्थानों पर पटरी पर पेड़ गिरे हैं और जलकुंभी फैल चुकी है। किटियावां के पास पुल सकरा होने से पानी का बहाव बाधित होता है।
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पूर्व ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख अयोध्या प्रसाद यादव ने बताया कि उज्जैनी-भदीपुर के पास भी पुल सकरा होने से जलनिकासी सही से नहीं हो रही है। टंडवा ग्रामसभा के भदीपुर गांव से ब्लॉक मुख्यालय जाने वाली सड़क पर आठ फीट पानी भरा है। यातायात बंद होने से ग्रामीणों को पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। किसान सुखराम, अरुण कुमार, सुरेंद्र कुमार राय, राज बहादुर, वीर बहादुर, राम जस और राम कृपाल का कहना है कि धान की फसल नष्ट हो गई है, जिससे परिवार और मवेशियों के भरण-पोषण का गंभीर संकट है।
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