गौरीगंज (अमेठी)। ओडीएफ प्लस घोषित गांव में 27.40 लाख रुपये आहरित कर मानक विहीन कार्य कराने पर सीडीओ ने पंचायत सचिव को निलंबित करने का आदेश दिया था। सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ ने आरोपी सचिव को निलंबित कर उसे जगदीशपुर ब्लॉक से संबद्ध कर दिया है। मामले की अंतिम जांच एडीपीआरओ को सौंपते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
केंद्र सरकार की ओर से जिले के सभी गांवों को वाह्य प्रसाधन मुक्त घोषित करने के बाद ओडीएफ प्लस योजना संचालित की गई है। योजना के पहले चरण में पांच हजार व उससे ऊपर आबादी वाले 53 राजस्व ग्रामों को चिह्नित किया गया है। इन गांवों को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए सोख्ता गड्ढा निर्माण, सूखा व गीला कचरा अलग कर संरक्षित करने, कचरों को गांव के बाहर फेंकने के लिए ठेला क्रय करने आदि का कार्य कराया जाना है।
सीडीओ सान्या छाबड़ा ने नौ दिसंबर को बाजार शुकुल ब्लॉक की महोना पश्चिम ग्राम पंचायत (ओडीएफ प्लस में चयनित) का निरीक्षण किया था। इस दौरान तकरीबन सभी कार्य मानक विहीन पाए गए थे। यही नहीं योजना के तहत स्वीकृत 27.40 लाख रुपये भी आहरित कर लिए गए थे। किसी भी कार्य का न तो ग्राम पंचायत की खुली बैठक में प्रस्ताव कराया गया न ही प्राक्कलन व एमबी तैयार की गई है।
मौके पर पंचायत सचिव द्वारा कोई अभिलेख न दिखा पाने पर सीडीओ ने डीपीआरओ से पंचायत सचिव को निलंबित करने तो प्रधान व अन्य दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया था। सीडीओ का निर्देश मिलने के बाद डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने पंचायत सचिव, प्रधान व ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर को पत्र जारी कर जवाब मांगा था। सचिव का बयान मिलने तथा उसमें कोई साक्ष्य व संतोष जनक जवाब न मिलने पर डीपीआरओ ने पंचायत सचिव विजय कुमार यादव को निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद उन्हें जगदीशपुर ब्लॉक से संबद्ध करते हुए प्रकरण की अंतिम जांच एडीपीआरओ रतन को सौंपी है।