अमेठी। चकबंदी न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर एक नई पहल की गई है। ग्राम अदालत के माध्यम से मुकदमों का गांव में ही निस्तारण कराने का निर्णय लिया गया है। इसके कार्यक्रम भी जारी कर दिए गए हैं।
बुधवार को तहसील गौरीगंज के ग्राम मऊ में ग्राम अदालत का आयोजन किया जा रहा है।
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी केलकर सिंह ने बताया कि चकबंदी न्यायालयों में विचाराधीन वादों के त्वरित निस्तारण के लिए ग्राम अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। एक ग्राम में सहायक चकबंदी अधिकारी से लेकर उप संचालक चकबंदी स्तर तक जोत चकबंदी अधिनियम-1953 के अन्तर्गत तय किए जाने वाले सभी वादों की सूची तैयार की गई है।
संबंधित पक्षकारों को अग्रिम सूचना चकबंदी विभाग के मैसेंजर, वादों के समय पक्षकारों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से दी जा रही है। सार्वजनिक स्थल पर ग्राम अदालत का आयोजन करेंगे। उन्होंने बताया कि वादों का निस्तारण यथासंभव पक्षकारों के मध्य सुलह समझौते से कराया जाय, यदि किसी वाद में साक्ष्य देने की स्थिति हो, उन साक्ष्यों का उल्लेख करते हुए वाद के पक्षकारों को इसकी पूर्व सूचना दी जायेगी।
यह है ग्राम अदालत कार्यक्रम
06 सितंबर 2023 को तहसील गौरीगंज के ग्राम मऊ में बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी के 04, चकबंदी अधिकारी के 70, सहायक चकबंदी अधिकारी के 98 मामलों की सुनवाई की जाएगी। 14 सितंबर को तहसील अमेठी के ग्राम भागीपुर में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के 05, चकबंदी अधिकारी के 12, सहायक चकबंदी अधिकारी के 18 विचाराधीन वाद एवं 20 सितंबर को तहसील मुसाफिरखाना के ग्राम काजीपुर में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के 06, चकबंदी अधिकारी के 30, सहायक चकबंदी अधिकारी के 45 तथा 27 सितंबर को तहसील मुसाफिरखाना के ग्राम कोयलारा मुबारकपुर में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के 08, चकबंदी अधिकारी के 42, सहायक चकबंदी अधिकारी के 38 वाद न्यायालय में विचाराधीन है। इन मामलों का निस्तारण ग्राम अदालत में किया जाएगा।