अमेठी कस्बे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत : आयोजक
अमेठी। कस्बे में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन प्रवाचक पूजा शास्त्री ने श्रद्धालुओं को करुणा, सेवा और परोपकार का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन की सार्थकता केवल अपने लिए जीने में नहीं, बल्कि दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बनने में है। सेवा और संवेदना का भाव व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देता है। अच्छे व्यवहार और विनम्रता से रिश्तों में मजबूती आती है।
प्रवाचक ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। किसी दुखी को सांत्वना देना, असहाय का सहारा बनना और जरूरतमंद की मदद करना भी सेवा का ही रूप है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने के लिए व्यक्ति को स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा से मिलने वाली सीख को अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया। इस दौरान अंबरीश कुमार कसौधन, महेश सोनी, जगदीश कुमार कसौधन और आशीष कुमार कसौधन आदि मौजूद रहे।