गौरीगंज (अमेठी)। जिले की मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र से निकली गोमती नदी को साफ-सुथरा रखने के लिए किनारे पर बसे 28 गांवों में गंगा ग्राम सेवा समितियों का गठन किया गया है। यह समितियां सात बिंदुओं पर काम करने के लिए बैठक कर योजना बनाएंगी। डीएम प्रत्येक माह समिति द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे।
गंगा व उनकी सहायक नदियों को साफ-सुथरा रखने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार कई योजना संचालित करा रही है। जिले से निकली गोमती नदी के किनारे मुसाफिरखाना, जगदीशपुर व बाजार शुकुल ब्लॉक क्षेत्र के 28 गांव बसे हैं। पिछले दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव ने डीएम को पत्र भेजकर नदी किनारे बसी ग्राम पंचायतों में सात सदस्यीय टीम गठित करने को कहा था। इसके बाद डीएम के निर्देश पर सभी पंचायतों में सात सदस्यीय गंगा ग्राम सेवा समितियों का गठन कर दिया गया है।
समितियां सात बिंदुओं पर करेंगी काम
समितियों को शासन द्वारा निर्धारित सात बिंदुओं पर कार्य करना है। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक आरपी सिंह के अनुसार समितियां प्रत्येक माह गोमती नदी के संरक्षण, सुरक्षा एवं प्रबंधन पर ग्रामीणों के साथ बैठक कर उसी के अनुसार गतिविधियां संचालित करने का काम करेंगी। गोमती नदी में गिरने वाले नालों में तरल एवं ठोस कचरे की पहचान तथा प्रबंधन, गांव के विद्यालयों में नदी की साफ-सफाई तथा संरक्षण पर वाद विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कराकर जागरूकता फैलाने का काम किया जाएगा।
इसी तरह नदी के तटीय क्षेत्रों में वानस्पतिक आच्छादन बढ़ाने एवं मृदा क्षरण को रोकने के लिए चर्चा करते हुए कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं ग्राम में लाभार्थी परक योजनाओं से ग्रामीणों को आच्छादित करते हुए गांव में समग्र विकास सुनिश्चित कराने का काम करेंगी। पर्यावरण हितैषी एवं किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि पद्धतियों एवं जैविक खेती को अपनाने के लिए जन जागरण का आयोजन किया जाएगा। डीएम प्रत्येक माह बैठक कर समितियों द्वारा लिए गए निर्णय व कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।
समिति में यह किए गए शामिल
गंगा ग्राम सेवा समिति में संबंधित प्रधान को अध्यक्ष, लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व शिक्षक को सदस्य सचिव, स्वयं सहायता समूह की महिला को सदस्य एवं एक सक्रिय स्वयं सेवी संस्था को सदस्य के रुप में नामित किया गया है।
समितियों ने अपना कार्य शुरू कर दिया है। बैठक में सभी बिंदुओं पर कार्ययोजना बनाने का काम किया जा रहा है। गोमती को साफ रखने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनाने के साथ ही जन-जागरूकता की जाएगी।
श्रीकांत यादव, डीपीआरओ