गौरीगंज (अमेठी)। आयुष्मान भारत योजना में चयनित लाभार्थियों को कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए सभी अस्पतालों में हेल्प डेस्क की स्थापना कराने के साथ आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति की गई है। आयुष्मान मित्र अस्पताल पहुंचाने वाले मरीजों को सुविधा मुहैया कराएंगे।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को साल भर में पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। जिले में योजना के तहत आठ लाख 90 हजार 907 लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं। अब तक तीन लाख 70 हजार 76 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बन भी चुका है। गोल्डन कार्ड धारकों का जिले में संचालित 14 सरकारी व 14 संबद्ध निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज किया जाता है।
जानकारी के अभाव में अस्पताल पहुंचने पर मरीजों को इलाज कराने में परेशानी उठानी पड़ती है। शासन के निर्देश पर इन सभी अस्पतालों के इंट्री प्वाइंट पर हेल्प डेस्क की स्थापना करा दी गई है। सभी स्थलों पर आयुष्मान मित्र की मौजूदगी सुनिश्चित कराई गई है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज हेल्प डेस्क पर जाकर अपना गोल्डन कार्ड दिखाएंगे तो वहां मौजूद आयुष्मान मित्र उनका उपचार कराने में सहायता करेंगे। जिन लाभार्थियों का अब तक गोल्डन कार्ड नहीं बना है उनका वहीं पर कार्ड बनाने का भी कार्य करेंंगे। अब तक कार्ड धारक अस्पताल तो जाते थे लेकिन उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता था। अब वहां मौजूद आयुष्मान मित्र उपचार कराने के साथ ही यदि किसी का ऑपरेशन आदि होना होगा तो वे उनकी सभी औपचारिकताएं भी पूर्ण कराएंगे।
कार्ड बनाने का चल रहा अभियान
जिले में अंत्योदय के कुल 67 हजार 25 लाभार्थी हैं। इनमें से अब तक 53 हजार 154 का कार्ड बनाया जा चुका है। शेष लोगों का कार्ड बनाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सहायकों को उनकी सूची मुहैया करा दी गई है। पंचायत सहायक पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग लेते हुए ऐसे लोगों को बुलाकर कार्ड बनाने का काम कर रहे हैं।
10 हजार मानदेय के साथ मिलता इंसेंटिव
अस्पतालों में रखे गए आयुष्मान मित्रों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसके अलावा उन्हें अस्पताल में भर्ती होने वाले आयुष्मान योजना के प्रति मरीज के हिसाब से 50 रुपये का इंसेटिव दिया जाता है।
- डॉ. अनूप तिवारी, डीसी