जगदीशपुर (अमेठी)। लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर जगदीशपुर थाना क्षेत्र के तेतारपुर और इटरौर के मध्य अलाबक्श का पुरवा के पास पुलिया के समीप बुधवार की सुबह युवती का शव पड़ा मिला। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। उधर, घटना ने हाईवे की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है।
जगदीशपुर थाना क्षेत्र के अलाबक्स का पुरवा मजरे सिधियांवा के समीप पुलिया के पास बुधवार को 30 वर्षीय एक युवती का शव पाया गया। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, इसके बाद वहां पर स्थानीय लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस की मानें तो युवती के शरीर पर कहीं जख्म के निशान नहीं मिले हैं। काफी प्रयास के बाद भी शव की पहचान नहीं हो सकी है।
राहगीरों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू कर दी है। आस-पास जिले से संपर्क कर महिला के पहचान की कोशिश की जा रही है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीशपुर राकेश सिंह ने बताया कि हाईवे पर जिस जगह की घटना है, वहां पर आस पास में कोई कैमरा नही लगा है। लगा भी होता तो हजारों गाड़ियां आती जाती, कहां कुछ पता चलेगा।
सवालों में एनएच की सुरक्षा
जगदीशपुर (अमेठी)। बुधवार को हाईवे के किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिले अज्ञात युवती के शव ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 731 की सुरक्षा की पोल भी खोल कर रख दी है।
बुधवार को लखनऊ-वाराणसी फोर लाइन हाईवे पर मिला महिला का शव सड़क के किनारे कहां से आया। यह कई सवाल खड़ा कर रहा है, युवती किसी वाहन से नीचे गिरकर घटना का शिकार हुई या फिर किसी ने यहां लाकर फेंका या यहीं पर घटना को अंजाम दिया गया। हाईवे के किनारे जगह जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। एनएच रोड सेफ्टी इंचार्ज बारा आजाद कुमार ने बताया कि सड़क के किनारे केवल दुर्घटना वाले प्वाइंट पर कैमरे लगाए गए हैं, जिससे निर्धारित दूरी कवर होती है ज्यादा दूर की तस्वीर धुंधली दिखती है।