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Amethi News: ...मैं स्वयं डीएम एसपी से कहता रहा, किसी ने नहीं सुनी

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गौरीगंज (अमेठी)। मुसाफिरखाना के भद्दौर में सोमवार देर शाम हुए दोहरे हत्याकांड का मामला मंगलवार को सपा विधायक ने सदन में उठाया। गौरीगंज विधायक ने अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए। कहा एक साल से पीड़ित परिवार के शस्त्र लाइसेंस के लिए मैं खुद डीएम, एसपी से कहता रहा लेकिन किसी ने नहीं सुनी। विधायक ने मामले की जांच वरिष्ठ अफसरों की टीम से कराने की मांग की।
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सदन में गौरीगंज विधायक ने कहा कि करीब छह साल पहले सुरेश को गोली मारी गई थी। तब से पीड़ित परिवार अपनी सुरक्षा व लाइसेंस के लिए अफसरों की परिक्रमा कर रहा था। कहा कि एक साल पहले उन्हें इस बात की भनक लगी कि जेल में बंद कुछ लोग सुरेश को मारने की योजना बना रहे हैं। इसके बाद वे स्वयं डीएम व एसपी से मिले। परिवार को शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की। क्षेत्र का विधायक होने व अनुरोध करने के बाद भी डीएम-एसपी ने मेरी बात नहीं सुनी। साेमवार को नतीजा सामने आ गया।
विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे प्रकरण की रिटायर्ड आईएएस व आईपीएस की तीन सदस्यीय टीम से जांच कराने, मृतक परिवार के भरण पोषण के लिए पांच करोड़ रुपये मुआवजा, एक सरकारी नौकरी तथा सदन में चर्चा कराने की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि प्रकरण में पांच नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज है। विधायक की मांग पर उन्होंने किसी वरिष्ठ एसपी व एएसपी की निगरानी में विवेचना कराने की बात कही।
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सोमवार देर शाम बाइक सवार बदमाशों ने बृजेश की बोलेरो पर बम से हमला कर किया गया था। जब सुरेश (संग्रह अमीन) व उनके भतीजे बृजेश (पूर्व प्रधान) ने जीप से बाहर निकलकर भागना चाहा तो लगातार 23 राउंड गोली चलाकर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई थी।

अब तो मिल गई आप लोगों को शांति
दोहरे हत्याकांड की सूचना पर देर रात विधायक लखनऊ से सीएचसी मुसाफिरखाना पहुंचे। सीएचसी पहुंचते ही विधायक वहां मौजूद एएसपी हरेंद्र कुमार पर बिफर पड़े। कहा, जब मैं कहता रहा कि इसकी हत्या हो जाएगी। कप्तान के पास इस बात को उठाता तो तत्कालीन सीओ मनोज यादव एसपी से बताते थे विधायक द्वारा राजनीति की जा रही है। मेरे ऊपर खुराफात का आरोप लगाया जाता था। विधायक होने के बावजूद मैं गिड़गिड़ाता रहा। एक लाइसेंस के लिए कई-कई बार रिपोर्ट भी भेजवाई। बावजूद इसके मेरी बात नहीं सुनी गई। एएसपी को खरी खोटी सुनाते हुए विधायक ने कहा कि मैंने 10 बार सीओ से कहा, 10 बार आपसे कहा, 20 बार डीएम-एसपी से कहा। किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। अब तो आप लोगों की आत्मा को शांति मिल गई। शर्म आनी चाहिए आप लोगों को।

बृजेश को चार तो सुरेश को लगी थीं दो गोलियां
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक बृजेश को चार तो सुरेश को दो गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। करीब पांच घंटे तक चले पोस्टमॉर्टम के बाद 5:26 बजे दोनों शव पीएम हाउस से बाहर किए गए।
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