अमेठी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत गर्भवतियों को निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा छह माह बाद फिर शुरू हो गई है। अब गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्रों पर 600 से 800 रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे। अमर उजाला की ओर से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाई और सुविधा को बहाल किया। जिले में 15 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को पीएमएसएमए के तहत अनुबंध किया गया है।
जिले में कुल 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दो अर्बन पीएचसी कार्यरत हैं। पीएमएसएमए के तहत पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अधिकृत निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर निशुल्क जांच की सुविधा मिलती है। जिले में लगभग चार सरकारी और 53 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं। इनमें से 15 निजी सेंटरों को इस योजना के तहत जोड़ा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इसके लिए 425 रुपये का ई-रुपी वाउचर जारी किया जाता था।
हालांकि, जुलाई से स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल में चल रहे तकनीकी अपडेट के कारण वाउचर जनरेट नहीं हो पा रहे थे। इस समस्या ने करीब 60 हजार पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को प्रभावित किया था। अब गर्भवतियों को सीएचसी के नजदीक सुविधा मिल सकेगी और उन्हें दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
पांच हजार तक की जांच मुफ्त : प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को पांच हजार रुपये तक के इलाज में सुविधा प्रदान करना है। प्रसव पूर्व हर माह की नौ तारीख को गर्भवती महिलाएं नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क जांच और इलाज करा सकती हैं। इसमें ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन जांच और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं शामिल हैं।