गौरीगंज : जगदीशपुर के पालपुर गांव में बुखार पीड़िता का सैंपल एकत्र करतीं स्वास्थ्य कर्मी। -संवाद
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गौरीगंज (अमेठी)। एक ही गांव में डेंगू के चार मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। एक परिवार के तीन सदस्यों समेत गांव के चार बुखार पीड़ितों की कार्ड से हुई जांच में वे डेंगू पॉजिटिव पाए गए। डेंगू की पुष्टि के लिए अब उनका सीरम सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए लखनऊ भेज दिया गया है। स्वास्थ्य टीमों ने गांव पहुंचकर निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए बुखार पीड़ित अन्य मरीजों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है।
जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बारिश के दौरान शुरू हुआ डेंगू मरीजों के मिलने का सिलसिला अब तक जारी है। अकेले सितंबर माह में पूरे जिले में 14 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। लेकिन 26 सितंबर के बाद एक भी डेंगू पॉजिटिव मरीज जिले में नहीं पाए गए। लेकिन बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।
हर रोज अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों में एक तिहाई मरीज बुखार, सर्दी व जुकाम से पीड़ित मिल रहे हैं। जगदीशपुर के पालपुर गांव में एक ही परिवार की मनतसा बानो (20), शादाब (24) व अफजल (30) कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे।
जगदीशपुर के इंडो गल्फ फर्टिलाइजर्स हॉस्पिटल में कार्ड से जांच हुई तो इनकी रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव मिली। रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही अस्पताल ने तत्काल इनका सीरम सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी। इसी गांव की प्रज्ञा यादव (30) की भी स्थानीय सीएचसी की पैथालॉजी में जांच हुई तो उनकी रिपोर्ट भी डेंगू पॉजिटिव निकली। सभी का सीरम सैंपल एकत्र कराने के बाद एलाइजा जांच के लिए लखनऊ भेज दिया गया है।
गांव पहुंची टीम ने बुखार पीड़ित मरीजों को सूचीबद्ध करते हुए ऐसे 35 मरीजों की स्लाइड बनाकर जांच की। 73 घरों में लार्वा की खोज करते हुए 20 घरों में टूटे व पुराने बर्तन आदि में पानी गंदा और जमा पाया गया। टीम ने उसे अपने सामने खाली कराकर गांव वालों को बचाव संबंधी जानकारी दी।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को 894 मरीज इलाज कराने आए। इनमें से 313 मरीज बुखार से पीड़ित पाए गए। चिकित्सकों ने बुखार पीड़ित मरीजों की पहले जांच कराई। जांच के दौरान किसी में डेंगू के लक्षण नहीं पाए गए। सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर ने बताया कि पूरे जिले की टीमें सक्रिय हैं। सूचना मिलते ही गांव में आरआर टीमें भेजी जा रही हैं। पंचायत विभाग के माध्यम से एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव तथा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जागरूकता अभियान संचालित हो रहा है।